लेबनान के ईरान-समर्थित संगठन हिज़्बुल्लाह ने इज़राइल के उत्तरी हिस्से में रॉकेट हमला करके क्षेत्र में भारी तनाव पैदा कर दिया है। संगठन का कहना है कि यह कार्रवाई इज़राइल द्वारा संघर्ष-विराम समझौते को तोड़ने के जवाब में की गई है। 9 अप्रैल 2026 को हुए इस हमले ने मध्य पूर्व में शांति की कोशिशों को गहरा झटका दिया है, जहां पहले से ही हालात काफी नाजुक बने हुए हैं।

🚨: Saudi Arabia और Iran के विदेश मंत्रियों के बीच हुई फोन पर बातचीत, मिडिल ईस्ट के सुरक्षा हालातों पर चर्चा हुई तेज़.

हिज़्बुल्लाह ने रॉकेट हमले क्यों किए?

हिज़्बुल्लाह के मुताबिक इज़राइल ने लेबनान में भारी बमबारी करके सीज़फायर के नियमों को तोड़ा था। 8 अप्रैल 2026 को इज़राइली सेना ने बेरूत, बेका घाटी और दक्षिणी लेबनान में हिज़्बुल्लाह के 100 से ज्यादा सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था। इस हमले में करीब 182 लोगों की जान चली गई, जो इस युद्ध में एक दिन में होने वाली मौतों का सबसे बड़ा आंकड़ा था। इसी घटना को आधार बनाकर हिज़्बुल्लाह ने इज़राइल के उत्तरी हिस्से में जवाबी रॉकेट दागे हैं।

घटना से जुड़ी मुख्य जानकारियां और बयान

  • हमले की तारीख: हिज़्बुल्लाह ने 9 अप्रैल 2026 को इज़राइल की ओर रॉकेट दागे और चेतावनी दी कि उनकी प्रतिक्रिया जारी रहेगी।
  • इजराइल का रुख: प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इज़राइल हिज़्बुल्लाह पर हमले जारी रखेगा ताकि विस्थापित नागरिक सुरक्षित घर लौट सकें।
  • ईरान और अमेरिका: राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ दो सप्ताह के संघर्ष-विराम की घोषणा की थी, लेकिन अमेरिका ने स्पष्ट किया कि लेबनान इसमें शामिल नहीं था।
  • मौतों का आंकड़ा: लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इज़राइली हमलों में बुधवार को 182 लोगों की मौत हुई थी।
  • पुराना समझौता: इज़राइल और हिज़्बुल्लाह के बीच 27 नवंबर 2025 को शत्रुता समाप्त करने के लिए एक समझौता हुआ था।

इज़राइली सेना ने हाल के दिनों में बेरूत में हिज़्बुल्लाह के कमांडरों को भी निशाना बनाया है। वहीं ईरान ने अमेरिका पर समझौते के प्रावधानों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है और होर्मुज जलडमरूमध्य में वैकल्पिक समुद्री मार्गों के इस्तेमाल की बात कही है। इस ताजा घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र को फिर से बड़े संघर्ष की ओर धकेल दिया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.