7 अप्रैल 2026 को हिजबुल्लाह और इसराइल के बीच संघर्ष बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। हिजबुल्लाह ने एक ही दिन में इसराइल के कई शहरों और सैन्य ठिकानों पर 44 हमले करने का दावा किया है। इस तनाव के बीच इसराइली सेना ने लेबनान में अपनी एलीट फोर्स उतार दी है और ईरान के सरकारी बुनियादी ढांचे पर भी भारी हवाई हमले किए हैं। मिडिल ईस्ट में जारी इस जंग की वजह से आम नागरिकों और प्रवासियों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।

हिजबुल्लाह के हमलों से कहां-कहां हुआ नुकसान?

हिजबुल्लाह ने नाहरिया, किरयात शमोना, मेतुला, मारगालियोट और मनारा जैसे इसराइली शहरों को लगातार निशाना बनाया है। हिजबुल्लाह का कहना है कि ये हमले लेबनान के लोगों की सुरक्षा के लिए किए जा रहे हैं। इन हमलों के दौरान इसराइली सैन्य ठिकानों को भी भारी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है।

  • उत्तरी कमांड के गिवत ओल्गा सैन्य बेस पर रॉकेट दागे गए।
  • गोलान हाइट्स में त्सनोबार सैन्य बेस और अन्य लॉजिस्टिक साइट्स को निशाना बनाया गया।
  • मेतुला शहर में रॉकेट गिरने के कारण 7 अप्रैल को दो बार हवाई हमले के सायरन बजे।
  • दक्षिणी लेबनान में मौजूद इसराइली टैंकों और सैन्य टुकड़ियों पर ड्रोन से हमले किए गए।

इसराइली सेना की बड़ी कार्रवाई और सैन्य तैनाती

जवाब में इसराइली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज़ ने ईरान और हिजबुल्लाह को सीधी चेतावनी दी है। इसराइली सेना ने तेहरान सहित ईरान के कई इलाकों में सरकारी ढांचे और एयरफोर्स ठिकानों पर बमबारी की है। लेबनान के अंदर जमीनी हमले को तेज करने के लिए इसराइल ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है।

यूनिट/ऑपरेशन ताजा अपडेट
98वीं डिवीजन एलीट फोर्स को दक्षिण लेबनान में तैनात किया गया
कुल तैनाती 5 सैन्य डिवीजन अब जमीनी हमले में शामिल हैं
सुरक्षा क्षेत्र लितानी नदी तक बफर जोन बनाने की योजना है
ईरान हमला तेहरान में बुनियादी ढांचे पर हवाई हमले पूरे हुए

लेबनान सरकार और अंतरराष्ट्रीय स्थिति क्या है?

लेबनान की सरकार ने हिजबुल्लाह की इन हरकतों की निंदा की है और कहा है कि बिना इजाजत जंग शुरू करने से देश को भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने कहा कि युद्ध और शांति का फैसला केवल देश की सरकार का होना चाहिए। इस बीच ईरान ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित युद्धविराम समझौते को खारिज कर दिया है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान के नए प्रस्ताव को मानने से मना कर दिया है। सऊदी अरब ने भी अपनी सीमा में घुस रही मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया है, जिनके टुकड़े उनकी ऊर्जा सुविधाओं के पास गिरे हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.