Hezbollah ने इसराइल के साथ बातचीत को बताया बड़ी गलती, युद्ध विराम पर रखी अपनी शर्तें
लेबनान और इसराइल के बीच चल रहे तनाव के बीच एक बड़ी खबर आई है. Hezbollah के एक बड़े नेता ने साफ कह दिया है कि इसराइल के साथ सीधी बातचीत करना एक बहुत बड़ी गलती होगी. उन्होंने कहा कि इससे देश के अंदर मतभेद और बढ़ जाएंगे. वहीं, समूह ने युद्ध विराम (ceasefire) को लेकर अपनी कुछ शर्तें भी रखी हैं.
Hezbollah ने बातचीत का विरोध क्यों किया?
Hezbollah के वरिष्ठ नेता हसन फदलल्लाह ने 23 अप्रैल 2026 को बयान दिया कि इसराइल के साथ सीधे तौर पर बात करना गलत होगा. उनका तर्क था कि इससे लेबनान के अंदरूनी झगड़े और गहरे हो सकते हैं. उनसे पहले अन्य नेताओं जैसे हुसैन हाज हसन और अली फय्याद ने भी इसे एक बड़ी चूक और राष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया था. इन नेताओं का मानना था कि कोई भी राजनीतिक चर्चा तभी शुरू होनी चाहिए जब पहले युद्ध पूरी तरह रुक जाए और इसराइल की सेना लेबनान की जमीन से पूरी तरह बाहर निकल जाए.
युद्ध विराम को लेकर Hezbollah की क्या शर्तें हैं?
Hezbollah ने स्पष्ट किया है कि वे युद्ध विराम का पालन तभी करेंगे जब इसराइल भी पूरी तरह नियमों को मानेगा. उनकी मुख्य शर्तों में ये बातें शामिल हैं:
- सभी तरह की सैन्य कार्रवाइयों पर पूरी तरह रोक लगे.
- इसराइल की सेना लेबनान के सभी इलाकों से बाहर निकले.
- जिन लोगों को अपने घर छोड़ना पड़ा, उनकी सुरक्षित वापसी हो.
- युद्ध में तबाह हुए इलाकों के पुनर्निर्माण का काम शुरू हो.
समूह ने जोर दिया कि यह समझौता लेबनान के सभी हिस्सों पर लागू होना चाहिए.
लेबनान, इसराइल और अमेरिका के बीच क्या चल रहा है?
वाशिंगटन में लेबनान और इसराइल के बीच सीधी बातचीत के सत्र आयोजित किए गए. लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन इन बातचीत के लिए तैयार थे और उम्मीद कर रहे थे कि इससे युद्ध रुकेगा. दूसरी ओर, इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनानी सरकार के साथ बात करने की सहमति तो दी, लेकिन Hezbollah के साथ युद्ध विराम पर चर्चा करने से मना कर दिया. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस युद्ध विराम को अनिश्चित काल के लिए बढ़ाने का ऐलान किया था.
हालांकि, शांति की कोशिशों के बीच 22 अप्रैल को तनाव फिर बढ़ा. Hezbollah ने उत्तरी इसराइल पर हमला किया, जबकि इसराइल ने लेबनान में हमले किए जिसमें पांच लोग मारे गए. इसराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने कहा कि बातचीत से पहले लेबनान को Hezbollah के हथियारों को खत्म करना होगा.