हिज़्बुल्लाह और इज़राइल के बीच चल रहा संघर्ष अब और तेज़ हो गया है। हिज़्बुल्लाह ने 10 अप्रैल 2026 को इज़राइल के अशदोद नौसैनिक अड्डे पर मिसाइलों से हमला किया है। यह कार्रवाई बेरूत में हुई भारी बमबारी के जवाब में की गई है। इस ताज़ा हमले ने दोनों देशों के बीच तनाव को एक नए स्तर पर पहुँचा दिया है जिससे शांति की उम्मीदें कम होती दिख रही हैं।

हिज़्बुल्लाह ने अशदोद नेवल बेस को निशाना क्यों बनाया?

हिज़्बुल्लाह ने साफ किया है कि यह हमला बेरूत पर हुए इज़राइली एयरस्ट्राइक का बदला है। 8 अप्रैल को हुई उस बमबारी में 303 लोग मारे गए थे और 1150 से अधिक घायल हुए थे। समूह ने इज़राइल पर युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप लगाया है। हिज़्बुल्लाह का कहना है कि वे समझौते का पालन कर रहे थे लेकिन इज़राइल ने लेबनान के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाना बंद नहीं किया। इसके जवाब में हिज़्बुल्लाह ने अशदोद के अलावा किरयात शमोना, मेतुला और डोवेव जैसे इलाकों में भी कई रॉकेट और ड्रोन दागे हैं।

क्षेत्र में ताज़ा हालात और समझौते की स्थिति

अमेरिका और ईरान के बीच हुए दो हफ्ते के युद्धविराम को लेकर अभी भी भ्रम बना हुआ है। ईरान का मानना है कि इसमें लेबनान भी शामिल है जबकि इज़राइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू का कहना है कि यह समझौता उन पर लागू नहीं होता। इज़राइल ने लेबनान में अपने सैन्य अभियान जारी रखने की बात कही है। दूसरी ओर लेबनान सरकार इज़राइल के साथ सीधी बातचीत की तैयारी कर रही है जो 14 अप्रैल को वाशिंगटन में हो सकती है। संयुक्त राष्ट्र ने भी इन हमलों की निंदा की है और शांति बनाए रखने की अपील की है।

तारीख घटना विवरण
8 अप्रैल 2026 बेरूत पर इज़राइली एयरस्ट्राइक 303 मौतें और 1150 घायल हुए
10 अप्रैल 2026 अशदोद नेवल बेस पर मिसाइल हमला हिज़्बुल्लाह ने हमले की पुष्टि की
10 अप्रैल 2026 सीमावर्ती इलाकों में रॉकेट हमले किरयात शमोना और मेतुला को बनाया निशाना
14 अप्रैल 2026 वाशिंगटन बैठक शांति के लिए सीधी बातचीत प्रस्तावित
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com