Lebanon News: हिज्बुल्लाह ने इजराइल को दी खुली चेतावनी, कहा- हमलों का दिया जाएगा कड़ा जवाब और बातचीत तुरंत बंद हो

दक्षिणी लेबनान में चल रहे भारी तनाव के बीच ईरान समर्थित संगठन हिज्बुल्लाह ने इजराइल को सीधी चेतावनी जारी कर दी है। संगठन की ओर से साफ कहा गया है कि इजराइल की तरफ से लगातार किए जा रहे हमले और अपनी शर्तें थोपने की कोशिशों को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हिज्बुल्लाह ने अधिकारियों को यह भी चेतावनी दी है कि उनके हर एक हमले का उचित और कड़ा जवाब दिया जाएगा, जिससे इलाके के हालात और ज्यादा बिगड़ सकते हैं.
लेबनान सरकार से बातचीत रोकने की अपील
इस बीच हिज्बुल्लाह ने लेबनान की सरकार से एक बड़ा कदम उठाने को कहा है। संगठन ने इजराइल के साथ चल रही प्रत्यक्ष बातचीत को पूरी तरह से अपमानजनक बताया है। हिज्बुल्लाह का मानना है कि बेरूत की सरकार को इजराइल के सामने बिना किसी फायदे के किसी भी तरह की रियायत देने के रास्ते पर आगे नहीं बढ़ना चाहिए। संगठन ने तुरंत इन वार्ताओं को रोकने की जोरदार अपील की है ताकि देश के हितों की रक्षा की जा सके और किसी भी तरह के दबाव से बचा जा सके.
दक्षिणी लेबनान में हुआ बड़ा नुकसान
हिज्बुल्लाह की यह तीखी प्रतिक्रिया ऐसे वक्त में सामने आई है जब शनिवार को दक्षिणी लेबनान में इजराइली सेना की तरफ से भीषण हवाई हमले किए गए थे। लेबनानी अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, अंसार और देइर अल-जरहानी इलाकों में हुए इन हमलों में कम से कम नौ लोगों की जान चली गई है। इन हमलों के बाद से स्थानीय लोगों में भारी डर का माहौल है और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं.
लेबनान के राष्ट्रपति ने उठाए सवाल
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने इन हमलों पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई इजराइल और लेबनान के बीच चल रही शांति की बातचीत के लिए एक स्पष्ट संदेश है। राष्ट्रपति ने साफ शब्दों में बताया कि यह हमले नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े अंतरराष्ट्रीय कानून का सीधा उल्लंघन करते हैं। इसके अलावा यह दोनों पक्षों के बीच पहले हुए समझौतों के नियमों के भी खिलाफ हैं, जिससे कूटनीतिक कोशिशों को बड़ा झटका लगा है.
रोम में होने वाली अगली वार्ता पर संकट
लेबनान और इजराइल के बीच चल रहे तनाव को कम करने और सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए अमेरिका की मध्यस्थता में लगातार बातचीत जारी है। आने वाले दिनों में इस सिलसिले में अगली दौर की वार्ता रोम में होने वाली है। हालांकि, खास बात यह है कि हिज्बुल्लाह इन प्रत्यक्ष वार्ताओं का हिस्सा बिल्कुल भी नहीं है और संगठन लगातार इन बैठकों का कड़ा विरोध करता रहा है। मौजूदा घटनाओं की वजह से इस क्षेत्र में एक बार फिर से बड़े सैन्य संघर्ष की आशंका पैदा हो गई है। एक तरफ जहां लेबनान की सरकार कूटनीतिक तरीकों से मामले का हल निकालना चाहती है, वहीं दूसरी तरफ इजराइल और हिज्बुल्लाह के बीच धमकियों का दौर जारी रहने से शांति बहाली की प्रक्रिया के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।