महंगाई के इस दौर में हर कोई अपनी जमा पूंजी पर ज्यादा से ज्यादा ब्याज चाहता है। जनवरी 2026 तक के आंकड़ों को देखें तो कई बैंक और सरकारी स्कीम 8% से लेकर 9.50% तक ब्याज दे रहे हैं। हालांकि, ज्यादा रिटर्न के चक्कर में जोखिम भरे ऐप्स से बचना भी जरूरी है, क्योंकि वहां सुरक्षा की गारंटी कम होती है।

12% ब्याज देने वाले ऐप्स का सच

बाजार में कई P2P ऐप्स हैं जो 12% रिटर्न का वादा करते हैं, जैसे कि Invest BharatPe। यह पैसा बैंक में जमा नहीं होता बल्कि लोन के तौर पर अनजान लोगों को बांटा जाता है, जिससे पैसा डूबने का खतरा रहता है। हाल ही में ऐसी कंपनियों ने नए पैसे जमा करने पर रोक या सीमा लगा दी है, इसलिए बैंक FD ज्यादा सुरक्षित है।

किस बैंक में मिल रहा सबसे ज्यादा ब्याज

अगर आप सुरक्षित निवेश चाहते हैं तो स्मॉल फाइनेंस बैंक (Small Finance Banks) अभी सबसे आगे हैं। इनमें 5 लाख रुपये तक की सरकारी गारंटी (DICGC) भी मिलती है।

बैंक का नाम ब्याज (आम नागरिक) ब्याज (सीनियर सिटीजन)
Unity Small Finance Bank 9.00% 9.50%
Suryoday Small Finance Bank 8.65% 9.10%
Utkarsh Small Finance Bank 8.50% 9.00%

सरकारी योजनाओं में कितना फायदा

जो लोग बिल्कुल भी रिस्क नहीं लेना चाहते, उनके लिए सरकारी स्कीम्स बेहतर हैं। सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) में अभी 8.2% ब्याज मिल रहा है। वहीं नौकरी करने वालों के लिए EPF में 8.25% का ब्याज तय है। महिला सम्मान बचत पत्र में महिलाओं को 7.5% ब्याज मिल रहा है।

प्राइवेट कंपनियों की FD

बैंक के अलावा श्रीराम फाइनेंस (Shriram Finance) जैसी बड़ी कंपनियां भी सीनियर सिटीजन को 9.40% तक ब्याज दे रही हैं। इसे कॉर्पोरेट FD कहते हैं, जिसमें बैंक से थोड़ा ज्यादा ब्याज मिलता है लेकिन सरकारी बैंक जितनी सुरक्षा नहीं होती।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.