Gulf of Oman में हुए एक अमेरिकी हमले ने हिमाचल प्रदेश के एक परिवार की खुशियां छीन ली हैं। MT Settebello जहाज पर तैनात 23 साल के आदित्य शर्मा की इस हादसे में जान चली गई। अब हिमाचल सरकार और भारत का विदेश मंत्रालय उनके पार्थिव शरीर को वापस लाने की कोशिशों में जुटे हैं।
क्या था पूरा मामला
9 जून 2026 को Gulf of Oman में Palau-flagged तेल टैंकर MT Settebello पर अमेरिकी सेना ने हमला किया। US Central Command (CENTCOM) ने बताया कि जहाज के इंजन रूम में सटीक मिसाइलें दागी गईं जिससे जहाज बेकार हो गया। अमेरिका का आरोप था कि यह जहाज ईरान के तेल निर्यात पर लगी पाबंदी का उल्लंघन कर रहा था। इस जहाज पर कुल 24 भारतीय क्रू मेंबर्स थे, जिनमें से 21 को बचा लिया गया, लेकिन आदित्य शर्मा समेत 3 लोगों की मौत हो गई।
सरकार और विदेश मंत्रालय की कार्रवाई
हिमाचल प्रदेश के उद्योग मंत्री Harshvardhan Chauhan ने आदित्य की मौत पर शोक जताया है। उन्होंने कहा कि राज्य प्रशासन विदेश मंत्रालय (MEA) और अन्य अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है ताकि शव को जल्द से जल्द हिमाचल लाया जा सके। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने पुष्टि की कि मृत भारतीय नाविकों की पहचान हो चुकी है और उन्हें भारत लाने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि जिस जहाज पर हमला हुआ वह विदेशी झंडे वाला था और भारत के स्वामित्व में नहीं था।
भारत का कड़ा विरोध और परिवार की मांग
इस घटना के बाद भारत सरकार ने अमेरिका के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। 11 जून 2026 को अमेरिकी Chargé d’affaires को बुलाकर भारत ने इस हमले पर अपनी गहरी चिंता जताई। दूसरी ओर, आदित्य के परिवार ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि शव को तुरंत वापस लाया जाए और इस पूरी घटना की गहन जांच की जाए ताकि पता चल सके कि आखिर यह सब कैसे हुआ।
