Hind Rajab Death: इसाईली सेना की जांच पर हिंड रजब के परिवार ने जताया शक, अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग.

गाजा की पांच साल की मासूम बच्ची Hind Rajab की मौत के मामले में इस्राइली सेना द्वारा आपराधिक जांच शुरू करने के ऐलान के बाद परिवार ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। बच्ची की मां Wissam Hamada ने इस ऐलान पर गहरी नाराजगी और संदेह जताया है, क्योंकि इस घटना को लेकर सालों तक इनकार किया जाता रहा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार दबाव बढ़ता गया। यह घटना जनवरी 2024 की है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा था।
इस्राइली सेना का नया बयान और पुरानी बातें
बुधवार, 19 अगस्त 2026 को इस्राइली सेना ने पहली बार आधिकारिक रूप से स्वीकार किया कि उसके सैनिकों ने उस गाड़ी पर गोली चलाई थी जिसमें पांच साल की हिंड रजब और उसका परिवार सफर कर रहा था। सेना के मुताबिक, मिलिट्री पुलिस इस बात की जांच करेगी कि पैलेस्टाइन रेड क्रीसेंट की एम्बुलेंस को बचाव कार्य के लिए भेजने में कोई प्रशासनिक या समन्वय संबंधी चूक हुई थी या नहीं। सेना का कहना है कि सैनिकों ने गाड़ी पर इसलिए गोली चलाई क्योंकि वह वाहन तय किए गए निकासी मार्ग की विपरीत दिशा से आ रहा था और सैनिकों के करीब पहुंच रहा था।
परिवार ने इस जांच को बताया दिखावा
बच्ची की दादी, जिनका नाम भी हिंड रजब ही है, उन्होंने इस पूरी जांच प्रक्रिया पर अविश्वास जताया है। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि उनके परिवार को इस्राइली सेना की इस जांच पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है। उनका मानना है कि यह जांच न्याय दिलाने के लिए नहीं, बल्कि इस अपराध को सही ठहराने और लीपापोती करने का एक तरीका मात्र है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि वे इस्राइल की न्याय व्यवस्था पर विश्वास नहीं करते क्योंकि इन्होंने कई अपराध किए हैं। परिवार ने इस मामले और गाजा के अन्य बच्चों की मौत के लिए निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की है ताकि दोषियों को सजा मिल सके।
बेल्जियम स्थित हिंड रजब फाउंडेशन के डायरेक्टर Dyab Abou Jahjah ने भी इस जांच को एक ढोंग करार दिया है। उनका कहना है कि इस्राइल के भीतर सैनिकों के आचरण की जो भी आंतरिक जांच होती है, उसका नतीजा अक्सर बिना किसी ठोस सजा के निकलता है या फिर बहुत मामूली प्रशासनिक कार्रवाई करके मामला रफा-दफा कर दिया जाता है। पैलेस्टाइन रेड क्रीसेंट के प्रवक्ता Raed al-Nims ने भी इस बात का समर्थन किया कि इस्राइल के अंदरूनी उपाय नाकाफी हैं और उन्होंने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच कराने की पुरजोर मांग उठाई है।
इस्राइली विदेश मंत्रालय का पक्ष
दूसरी तरफ, इस्राइल के विदेश मंत्रालय का कहना है कि इस आपराधिक जांच की शुरुआत देश के एक कानून का पालन करने वाले लोकतंत्र होने का प्रमाण देती है। यह मामला इस्राइली सेना के जनरल स्टाफ फैक्ट-फाइंडिंग एंड असेसमेंट मैकेनिज्म (FFAM) की उस व्यापक समीक्षा का हिस्सा है जिसमें गाजा में सैनिकों के आचरण से जुड़ी 150 घटनाओं की जांच की जा रही है। हालांकि सेना ने मार्च 2025 की एक अन्य घटना में 15 फिलिस्तीनी पैरामेडिक्स की मौत के मामले में अलग से आपराधिक जांच के आदेश दिए हैं, लेकिन वर्ल्ड सेंट्रल किचन और डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स के राहत कर्मियों से जुड़े तीन अन्य चर्चित हमलों में आपराधिक जांच शुरू करने से इनकार कर दिया है। वर्ल्ड सेंट्रल किचन के संस्थापक शेफ José Andrés ने जांच न करने के इस फैसले की कड़ी आलोचना की है और इसे गलत तथा पीड़ादायक बताया है।