यमन के हुदैदाह पोर्ट पर 24 जुलाई 2026 को कई हवाई हमले हुए, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने बंदरगाह के पास कई जोरदार धमाकों की आवाज सुनी। इन हमलों की पुष्टि हुथी नियंत्रित मीडिया और वहां मौजूद लोगों ने की है। हुथी सैन्य प्रवक्ता कार्यालय के निदेशक Ameen Hayyan ने इन हमलों के लिए सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराया है और बदले में कार्रवाई की चेतावनी दी है।
तनाव में बढ़ोतरी और समुद्री जहाजों पर खतरा
यह घटना यमन के लंबे समय से चल रहे संघर्ष में एक बड़ा मोड़ है। हमलों से पहले, 24 जुलाई को ही लाल सागर में सऊदी अरब के एक कमर्शियल जहाज NCC MASA को निशाना बनाया गया था, जिससे उसे मामूली नुकसान पहुंचा। हुथियों ने 20 जुलाई 2026 को सऊदी अरब पर नौसैनिक नाकेबंदी की घोषणा की थी और इससे पहले भी कई जहाजों पर हमलों की जिम्मेदारी ली है।
अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन
सऊदी अरब के जनरल अथॉरिटी फॉर ट्रांसपोर्ट ने कमर्शियल जहाजों पर हो रहे इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है। यमन में संयुक्त राष्ट्र और ओमान के शांति प्रयासों के बावजूद, विशेषज्ञ इसे 2022 के बाद का सबसे गंभीर तनाव मान रहे हैं। वहीं, अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) भी समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ईरान से जुड़े ठिकानों पर लगातार हवाई हमले कर रही है ताकि जहाजों और नागरिकों की सुरक्षा की जा सके।
