पवित्र काबा पर नया किसवा (काला रेशमी कपड़ा) चढ़ा दिया गया है। यह काम मंगलवार 16 जून 2026 को पूरा हुआ, जो इस्लामिक नए साल 1 मुहर्रम 1448 हिजरी का पहला दिन था। यह एक सालाना परंपरा है जिसे पूरी दुनिया के मुसलमान बड़े चाव से देखते हैं।
इस पूरी प्रक्रिया की तैयारी सोमवार शाम 15 जून 2026 से ही शुरू हो गई थी। इस काम की देखरेख General Authority for the Care of the Affairs of the Grand Mosque and the Prophet’s Mosque ने की। नए किसवा को बनाने की जिम्मेदारी King Abdulaziz Complex for the Holy Kaaba Kiswa को सौंपी गई थी।
मेहनत और कारीगरी
इस नए कपड़े को तैयार करने में सऊदी अरब के करीब 150 से 159 एक्सपर्ट कारीगरों ने दिन-रात मेहनत की। इसे बनाने में लगभग 11 महीने का समय लगा। इस काम में सात अलग-अलग चरणों का पालन किया गया, जिसमें पानी की सफाई, रेशम की धुलाई, बुनाई, छपाई, कढ़ाई, असेंबली और आखिरी जांच शामिल थी।
किसवा में इस्तेमाल हुआ सामान
| सामान | मात्रा/वजन |
|---|---|
| प्राकृतिक रेशम | 825 किलोग्राम |
| शुद्ध चांदी | 60 किलोग्राम |
| सोने की परत वाली चांदी | 120 किलोग्राम |
| कुल वजन | 1,410 से 1,415 किलोग्राम |
| रेशमी कपड़ों के टुकड़े | 47 पीस |
इस शानदार कपड़े पर कुरान की आयतें लिखी गई हैं, जिन्हें चांदी के धागों और 24 कैरेट सोने की परत से सजाया गया है। नए किसवा को King Abdulaziz Complex से ग्रैंड मस्जिद तक एक खास सिस्टम के तहत लाया गया और फिर इसे काबा पर चढ़ाया गया।