सऊदी अरब में पवित्र काबा की धुलाई की रस्म आज 30 जून 2026 को पूरी की जाएगी। सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) ने इसकी आधिकारिक जानकारी दी है। यह रस्म फज्र की नमाज़ के बाद शुरू होगी और इसे तीन अलग-अलग चरणों में पूरा किया जाएगा।

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यह परंपरा पैगंबर मोहम्मद (उन पर शांति हो) के समय से चली आ रही है, जो साल में दो बार इस सफाई को करते थे। इस खास मौके पर मक्का के गवर्नर या उनके डिप्टी, किंग सलमान की तरफ से इस प्रक्रिया का नेतृत्व करेंगे। उनके साथ सरकारी अधिकारी, दो पवित्र मस्जिदों के इमाम, धार्मिक विद्वान और कई मुस्लिम देशों के राजदूत भी मौजूद रहेंगे। इस आयोजन की जिम्मेदारी जनरल अथॉरिटी फॉर द केयर ऑफ द अफेयर्स ऑफ द टू होली मॉस्क्स के पास है।

धुलाई की तीन स्टेज

  • तैयारी का चरण: रस्म से एक रात पहले ईशा की नमाज़ के बाद काबा के दरवाज़े का पर्दा उठाया जाता है और किस्वा (काले कपड़े) को थोड़ा ऊपर किया जाता है। इस दौरान ज़मज़म पानी, ताइफ़ गुलाब जल, ऊद तेल और कस्तूरी का एक खास मिश्रण तैयार किया जाता है।
  • धुलाई का चरण: अंदर की दीवारों और संगमरमर के खंभों को खुशबूदार सफेद सूती कपड़ों से साफ किया जाता है। फर्श को ज़मज़म और गुलाब जल के मिश्रण से धोया जाता है और फिर तौलिये या विशेष वाइपर की मदद से हाथों से सुखाया जाता है।
  • खुशबू और धुंआ: सफाई और सुखाने के बाद, दीवारों, खंभों और कोनों पर उच्च गुणवत्ता वाली अगरबत्ती, सुगंधित तेल, कस्तूरी और अम्बर का इस्तेमाल किया जाता है ताकि पूरा काबा आध्यात्मिक खुशबू से भर जाए।