Strait of Hormuz में चल रहे तनाव ने पूरी दुनिया के तेल बाज़ार को हिला दिया है। ईरान और अमेरिका के बीच टकराव के कारण तेल की सप्लाई रुकने का डर बढ़ गया है। इस वजह से तेल की कीमतें बढ़ रही हैं और कई देशों की चिंताएं बढ़ गई हैं। Kpler के मुताबिक इस रुकावट का पूरा असर अभी कीमतों में नहीं दिखा है।

ईरान और अमेरिका के बीच टकराव की क्या वजह है?

ईरान की IRGC ने मार्च 2026 में अमेरिका, इसराइल और उनके सहयोगियों के जहाजों के लिए Strait of Hormuz बंद करने का ऐलान किया था। अमेरिका ने इसके जवाब में ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर दी है। 23 अप्रैल को US CENTCOM ने 31 जहाजों को वापस लौटने का निर्देश दिया और दो ईरानी टैंकरों, Hedy और Hero II को रोका। दूसरी तरफ ईरान ने MSC Francesca और Epaminondas जैसे जहाजों को ज़ब्त किया है और टोल के रूप में पैसा वसूलना शुरू कर दिया है।

तेल की कीमतों और कुवैत पर इसका क्या असर पड़ा?

इस संकट की वजह से कुवैत ने 21 अप्रैल को ‘force majeure’ लागू कर दिया है, जिसका मतलब है कि तेल के ट्रांसपोर्ट में अब बड़ी दिक्कतें आएंगी। 23 अप्रैल तक कुवैत के तेल की कीमत 100.33 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। रूस ने भी इस स्थिति को देखते हुए OPEC+ से तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों की संख्या बहुत कम हो गई है।

विवरण जानकारी
कुवैत तेल की कीमत 100.33 डॉलर प्रति बैरल
वापस भेजे गए जहाज 31
संकट की शुरुआत 28 फरवरी 2026
कुवैत का force majeure 21 अप्रैल 2026
अमेरिकी नाकेबंदी की घोषणा 23 अप्रैल 2026
24 घंटे में दिखे जहाज 11
टोल वसूली ईरान द्वारा शुरू
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com