Hormuz संकट के बीच भारत ने वैश्विक तेल और गैस बाजार को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। विदेश मंत्री S. Jaishankar ने कहा है कि भारत ऊर्जा के स्रोतों में विविधता लाने और बाजार की स्थिरता का पूरी तरह समर्थन करता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब Strait of Hormuz में जारी तनाव के कारण दुनिया भर में तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बनी हुई है। भारत ने साफ किया है कि अंतरराष्ट्रीय नियमों का पूरा सम्मान होना चाहिए और समुद्री व्यापार में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए।

विदेश मंत्री S. Jaishankar ने ऊर्जा सुरक्षा पर क्या कहा?

नई दिल्ली में अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio के साथ बातचीत के दौरान विदेश मंत्री S. Jaishankar ने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए विभिन्न देशों से सही कीमतों पर तेल और गैस की खरीदारी जारी रखेगा। उन्होंने जोर दिया कि ऊर्जा बाजार को स्वतंत्र छोड़ देना चाहिए और इसमें किसी भी तरह की रुकावट नहीं होनी चाहिए।

इससे पहले 15 मई 2026 को हुई BRICS देशों की बैठक में भी भारत ने Strait of Hormuz और लाल सागर में जहाजों की सुरक्षा पर गहरी चिंता जताई थी। भारत ने 29 अप्रैल 2026 को ईरानी विदेश मंत्री के साथ बातचीत कर वहां फंसे भारतीय जहाजों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया था।

US-Iran बातचीत और समुद्री रास्ते को खोलने की तैयारी

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 24 मई 2026 को बताया कि ईरान के साथ समझौता लगभग तय हो चुका है और जल्द ही Strait of Hormuz को खोलने की घोषणा की जाएगी। इस शांति वार्ता में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif मध्यस्थता कर रहे हैं। इस समझौते के तहत अमेरिका ईरानी तेल पर से प्रतिबंध हटा सकता है और ईरान समुद्री रास्ते से बारूदी सुरंगें साफ करने के लिए तैयार हुआ है।

इसी बीच 24 मई 2026 को भारत के लिए एक राहत भरी खबर आई, जब इस संघर्ष की शुरुआत के बाद पहली बार एक LNG टैंकर Strait of Hormuz से सुरक्षित बाहर निकलकर भारत के लिए रवाना हुआ। दोनों देश फिलहाल 60 दिनों के युद्धविराम के समझौते के बेहद करीब हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Hormuz संकट पर भारत का आधिकारिक रुख क्या है?

भारत बातचीत और कूटनीति के जरिए विवादों को सुलझाने का समर्थन करता है। भारत का रुख साफ है कि समुद्री व्यापार सुरक्षित होना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय नियमों का कड़ा पालन होना चाहिए।

अमेरिका और ईरान के बीच क्या नया समझौता होने जा रहा है?

समझौते के तहत अमेरिका ईरानी तेल से प्रतिबंध हटा सकता है और ईरान Strait of Hormuz से बारूदी सुरंगें हटाकर समुद्री रास्ता खोलेगा। इसके साथ ही दोनों देश 60 दिनों के युद्धविराम समझौते की तैयारी में हैं।