पश्चिम एशिया में चल रही जंग ने अब भारत की अर्थव्यवस्था की चिंता बढ़ा दी है। Strait of Hormuz के बंद होने और कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर के पार जाने से भारत में महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। Union Bank की एक ताजा रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि इस स्थिति से रुपये की कीमत और गिर सकती है और बाजार में अस्थिरता आ सकती है।
Strait of Hormuz में क्या चल रहा है और इसका असर क्या है?
ईरान ने 28 फरवरी 2026 से इस समुद्री रास्ते को लगभग बंद कर दिया है। अमेरिका और इसराइल के साथ हवाई युद्ध के बाद ईरान की IRGC ने यहाँ समुद्री माइन बिछा दिए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 25 अप्रैल 2026 को बताया कि US Navy इन माइन्स को हटाने का काम कर रही है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रक्रिया में महीनों लग सकते हैं। इस वजह से Brent Crude तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चली गई हैं।
भारतीय अर्थव्यवस्था और आम आदमी पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
तेल की कीमतें बढ़ने से भारत में महंगाई बढ़ने का डर है, जिससे RBI के लिए ब्याज दरों में कटौती करना मुश्किल हो जाएगा। भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 95 के स्तर के करीब पहुँच गया है। RBI गवर्नर Sanjay Malhotra ने कहा कि इस विवाद से भारत के निर्यात, जरूरी सामानों की सप्लाई और विदेशों से आने वाले पैसे पर असर पड़ रहा है। RBI ने बाजार को संभालने के लिए कुछ कड़े कदम उठाए हैं।
| मुख्य विवरण | जानकारी/तारीख |
|---|---|
| Brent Crude तेल की कीमत | $100 प्रति बैरल से ऊपर |
| भारतीय रुपया (USD के मुकाबले) | लगभग 95 रुपये |
| Hormuz बंद होने की शुरुआत | 28 फरवरी 2026 |
| Union Bank की रिपोर्ट की तारीख | 26 अप्रैल 2026 |
| RBI MPC मीटिंग की तारीख | 22 अप्रैल 2026 |
| अमेरिकी नौसेना का माइन क्लियरिंग ऑपरेशन | 25 अप्रैल 2026 |
| ईरान द्वारा नए माइन बिछाने की खबर | 23 अप्रैल 2026 |