होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच एक बार फिर भारतीय नाविकों की जान खतरे में पड़ गई। 12-13 जून की रात हांगकांग के झंडे वाले तेल टैंकर ‘बोकेम मरेंगो’ पर ड्रोन हमला हुआ। हमले में जहाज को नुकसान पहुंचा लेकिन राहत की बात यह है कि सभी भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं।

यह तेल टैंकर पूरी तरह भारतीय नाविकों द्वारा संचालित था। हमले के बाद जहाज को जांच और मरम्मत के लिए फुजैराह ले जाया गया है। जानकारी के मुताबिक, पिछले कुछ समय में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय चालक दल वाले जहाजों पर यह चौथा हमला है। इस क्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव का सीधा असर उन भारतीय नाविकों पर पड़ रहा है जिनका इस लड़ाई से कोई लेना-देना नहीं है।

इस घटना को लेकर अमेरिका और ईरान एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ड्रोन हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है और इसे पूरी तरह अस्वीकार्य बताया है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान को अपना व्यवहार बदलना होगा। दूसरी तरफ, ईरान ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। ईरान ने उल्टा अमेरिका पर ही भारतीय जहाजों को निशाना बनाने का आरोप लगाया और कहा कि अमेरिकी कार्रवाई की वजह से तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई है।

भारत सरकार ने वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाए जाने पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 13 जून 2026 को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बात की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गैर-सैन्य और व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना बिल्कुल गलत है और यह अस्वीकार्य है।

इस पूरे विवाद के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया कि उन्होंने ईरान द्वारा भेजे गए कई हमलावर ड्रोनों को मार गिराया ताकि जहाजों की आवाजाही बिना किसी बाधा के चलती रहे। वहीं ईरान ने अमेरिका की इन कार्रवाइयों को समुद्री डकैती करार दिया है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.