Hormuz Strait Blockade: जापान और दक्षिण कोरिया की बढ़ी टेंशन, तेल और गैस की सप्लाई पर गहराया खतरा

ईरान और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी अब पूरी दुनिया के लिए मुसीबत बन गई है। Strait of Hormuz के रास्ते तेल और गैस की सप्लाई रुकने से जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में हड़कंप मच गया है। इन देशों के लिए यह समुद्री रास्ता उनकी जीवनरेखा है, जिसके बिना उनकी अर्थव्यवस्था और फैक्ट्रियों का चलना मुश्किल हो जाएगा।

ईरान ने क्या नए नियम लागू किए और क्या है पूरा विवाद?

ईरान ने 19 अप्रैल 2026 को एक नया समुद्री नियम लागू किया है। अब किसी भी कमर्शियल जहाज को इस रास्ते से गुजरने के लिए IRGC Navy से इजाजत लेनी होगी और टोल टैक्स देना होगा। इससे पहले 13 अप्रैल को अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी कर दी थी। तनाव इतना बढ़ गया कि 20 अप्रैल को ईरान ने फिर से रास्ता बंद किया और टैंकरों पर फायरिंग की। इस बीच पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने की कोशिश कर रहा है।

जापान और दक्षिण कोरिया पर इसका क्या असर होगा?

इन दोनों देशों की पूरी अर्थव्यवस्था समुद्र के रास्ते आने वाले तेल और गैस पर टिकी है। एक्सपर्ट Joseph Kristanto ने चेतावनी दी है कि अगर यह नाकाबंदी लंबी चली तो ऊर्जा की कीमतें बहुत बढ़ जाएंगी। इससे फैक्ट्रियों में सामान बनना कम हो जाएगा और आम जनता के लिए खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं। जापान अब अपनी निर्भरता कम करने के लिए इंडोनेशिया के साथ ऊर्जा सहयोग बढ़ा रहा है।

ऊर्जा संकट का डेटा: कौन सा देश कितना प्रभावित है?

जापान और दक्षिण कोरिया की इस रास्ते पर निर्भरता को नीचे दी गई टेबल से समझा जा सकता है:

देश कच्चा तेल (Crude Oil) निर्भरता प्राकृतिक गैस (Natural Gas) निर्भरता
जापान लगभग 93% भारी निर्भरता (JERA मुख्य आयातक)
दक्षिण कोरिया लगभग 70% लगभग 20%

दक्षिण कोरिया की कई बड़ी पेट्रोकेमिकल कंपनियां जैसे Lotte Chemical और LG Chem इस सप्लाई संकट की वजह से पहले से ही मुश्किलों का सामना कर रही हैं।