ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी सैन्य संघर्ष अब एक बड़े वैश्विक संकट में बदल गया है। 5 मार्च 2026 तक की ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह बंद कर दिया है, जिससे दुनिया भर के ऊर्जा बाजार में भारी हलचल है। इस इलाके से दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा तेल गुजरता है, लेकिन अब यहां जहाजों की आवाजाही लगभग रुक गई है।

सैन्य कार्रवाई और जहाजों पर पड़ा असर

अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सेना ने ईरान के खिलाफ ‘ऑपरेशन एपिक फ्युरी’ शुरू किया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पुष्टि की है कि श्रीलंका के पास एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया गया है। इसके अलावा ईरान के 20 से अधिक नौसैनिक जहाजों को नष्ट कर दिया गया है।

  • शिपिंग सेवा रुकी: Maersk, MSC और Hapag-Lloyd जैसी बड़ी कंपनियों ने खाड़ी क्षेत्र में अपनी सेवाएं बंद कर दी हैं।
  • बीमा रद्द: 5 मार्च 2026 से खाड़ी देशों में जहाजों के लिए वार रिस्क इंश्योरेंस कवर को रद्द कर दिया गया है।
  • फंसे जहाज: लगभग 200 तेल टैंकर अभी भी समुद्र में खड़े हैं और आगे बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं।

कच्चे तेल और गैस की कीमतों में बड़ा बदलाव

इस संकट के कारण दुनिया भर में ईंधन की कीमतों पर गहरा असर पड़ा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह रास्ता और कुछ हफ्तों तक बंद रहा तो तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। बाजारों में अस्थिरता के कारण कई देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है।

आइटम मौजूदा कीमत प्रभाव
Brent Crude Oil $81.40 – $84.48 लगातार बढ़ोतरी जारी है
European Gas (TTF) €48 – €60/MWh कीमतों में भारी उछाल
Insurance Premium 25% से 50% अधिक जहाजों के लिए जोखिम बढ़ा

प्रवासियों और यात्रियों के लिए क्या हैं चुनौतियां

खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह स्थिति काफी मुश्किलों वाली हो गई है। अमेरिकी विदेश विभाग 6,500 से अधिक नागरिकों को निकालने की तैयारी में है। यूएई के फुजैराह पोर्ट पर आग लगने की खबरें हैं और सऊदी अरब ने अपना तेल निर्यात लाल सागर की ओर मोड़ दिया है। भारत और अन्य एशियाई देशों के शेयर बाजारों में भी इस तनाव के कारण भारी गिरावट देखी गई है। खाड़ी देशों की यात्रा की योजना बना रहे लोगों को उड़ानों और कार्गो सेवाओं में देरी का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि जहाजों के साथ-साथ हवाई क्षेत्र पर भी नियंत्रण की कोशिशें जारी हैं।