Strait of Hormuz में इस वक्त बहुत बड़ा संकट चल रहा है जिससे पूरी दुनिया की सप्लाई चेन पर असर पड़ सकता है। करीब 2,000 जहाज वहां फंसे हुए हैं और 20,000 से ज्यादा नाविक मुश्किल में हैं। दुनिया के खाने-पीने की चीजों की सप्लाई रुक सकती है क्योंकि जहाजों का वहां से निकलना अब काफी कठिन हो गया है।

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जहाजों के फंसने की बड़ी वजह और ईरान के नए नियम क्या हैं?

इस संकट के पीछे कई बड़े कारण हैं। ईरान ने ऐलान किया है कि वह समुद्री कानूनों (UNCLOS) को नहीं मानता और Strait of Hormuz पर उसका पूरा अधिकार है। ईरान की संसद के अधिकारी Ebrahim Azizi ने कहा कि उनकी सेना का नियंत्रण इस रास्ते पर है और वे दुश्मन देशों के जहाजों को रोकेंगे।

  • नया कानून: ईरान एक नया ड्राफ्ट कानून ला रहा है जिसमें जहाजों से ईरानी रियाल में ट्रांजिट फीस मांगी जाएगी।
  • सख्त पाबंदियां: अमेरिका, इजराइल और ईरान पर प्रतिबंध लगाने वाले देशों के जहाजों के लिए रास्ता पूरी तरह बंद रहेगा।
  • नाम का विवाद: जहाजों को “Persian Gulf” नाम का इस्तेमाल करना होगा।
  • यूएन की चेतावनी: UN Secretary-General António Guterres ने कहा कि इस रास्ते को खुला रखना जरूरी है वरना दुनिया में भोजन का संकट खड़ा हो सकता है।

रास्ता खुलने के बाद भी कौन सी मुश्किलें रहेंगी?

भले ही रास्ता खुल जाए, लेकिन जहाजों के लिए वहां से गुजरना अभी भी जोखिम भरा है। अमेरिका के Energy Secretary Chris Wright ने बताया कि एक सुरक्षित कॉरिडोर बनाया जा सकता है, लेकिन पूरी सफाई में समय लगेगा।

मुश्किल का कारण असर और समय
समुद्री माइन (Mines) पेंटागन के अनुसार इन्हें हटाने में 6 महीने लग सकते हैं
बीमा (Insurance) लागत प्रीमियम 0.25% से बढ़कर 5% तक हो सकता है
अमेरिकी नाकेबंदी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर 13 अप्रैल से ईरानी बंदरगाह बंद हैं
जहाजों का बैकलॉग 2,000 जहाजों की भीड़ साफ होने में कई महीने लगेंगे

IMO के Secretary-General Arsenio Dominguez ने साफ किया है कि जहाजों से कोई फीस वसूलने का कोई कानूनी आधार नहीं है। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण है और केवल कुछ सीमित जहाज ही इस रास्ते से निकल पा रहे हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Strait of Hormuz में कितने जहाज और नाविक फंसे हुए हैं?

करीब 2,000 जहाज वहां फंसे हुए हैं और 20,000 से ज्यादा नाविक इस स्थिति के कारण मुश्किल में हैं।

जहाजों के बीमा (Insurance) पर क्या असर पड़ा है?

मार्च में ‘War Risk’ बीमा रद्द कर दिया गया था और अब प्रीमियम 0.25% से बढ़कर 5% तक हो सकता है, जिससे शिपिंग कंपनियां डर रही हैं।