दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान द्वारा बिछाई गई बारूदी सुरंगों ने तनाव बढ़ा दिया है. अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन के मुताबिक इन सुरंगों को हटाने में करीब छह महीने का समय लग सकता है. इस वजह से दुनिया के तेल और गैस की सप्लाई पर बड़ा असर पड़ने का खतरा है क्योंकि यहाँ से दुनिया का पांचवां हिस्सा तेल और गैस गुजरता है.

होर्मुज जलडमरूमध्य में कितनी सुरंगें हैं और इन्हें हटाना क्यों मुश्किल है

रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने इस समुद्री रास्ते में 20 या उससे ज्यादा बारूदी सुरंगें बिछाई हैं. इनमें से कुछ सुरंगें GPS तकनीक से नियंत्रित हैं, जिसकी वजह से इन्हें ढूंढना और हटाना अमेरिकी सेना के लिए काफी चुनौतीपूर्ण काम है. इसके अलावा कुछ सुरंगें छोटी नावों के जरिए भी बिछाई गई हैं. ऐसी खबरें भी आई हैं कि ईरान खुद भी अपनी बिछाई हुई सभी सुरंगों का पता लगाने में असमर्थ हो सकता है, जिससे सफाई का काम और मुश्किल हो गया है.

अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने क्या तैयारी की है

ब्रिटेन और फ्रांस की अगुवाई में लंदन में 30 से ज्यादा देशों के सैन्य योजनाकार मिले हैं. इनका मकसद एक विस्तृत सैन्य योजना बनाना है जिससे इस समुद्री रास्ते को जल्द से जल्द खोला जा सके. दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शांति वार्ता को और समय देने के लिए युद्धविराम की अवधि को अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया है. हालांकि पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने 6 महीने तक रास्ता बंद रहने की रिपोर्ट को गलत और अस्वीकार्य बताया है.

ईरान का क्या कहना है और क्या है उसका जवाब

ईरान के उप विदेश मंत्री माजिद तख्त-रवांछी ने इन सुरंगों को बिछाने की बात से पूरी तरह इनकार किया है. ईरान ने यह भी साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिकी नौसेना उसके बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखेगी, तब तक वह होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोलेगा. ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने चेतावनी दी है कि इस रास्ते से गुजरने वाले किसी भी सैन्य जहाज को कड़ा जवाब दिया जाएगा.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.