Hormuz Strait Update: ईरान और अमेरिका के बीच तनातनी बढ़ी, अमेरिकी सेना ने की बंदरगाहों की घेराबंदी, दुनिया भर के व्यापार पर खतरा.
Hormuz Strait को लेकर तनाव काफी बढ़ गया है। ईरान का कहना है कि जब तक बाहरी हमले नहीं रुकेंगे और उनके अधिकारों को मान्यता नहीं मिलेगी, तब तक सुरक्षा संभव नहीं है। वहीं अमेरिका ने ईरान के तटों और बंदरगाहों की नाकेबंदी कर दी है, जिससे समुद्री व्यापार पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। अब दुनिया के कई देश इस मसले को सुलझाने के लिए कोशिशें कर रहे हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच क्या चल रहा है?
अमेरिकी सेना यानी CENTCOM ने 15 अप्रैल 2026 से ईरान के बंदरगाहों और समुद्री तटों की घेराबंदी शुरू कर दी है। इस मिशन के लिए अमेरिका ने 10,000 से ज्यादा सैनिक, 12 जहाज और 100 विमान तैनात किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार अब तक 14 जहाजों को इस नाकेबंदी की वजह से अपना रास्ता बदलना पड़ा है। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने साफ कहा है कि अगर Hormuz Strait को खतरा हुआ तो इसका असर पूरी दुनिया के व्यापार पर पड़ेगा।
दुनिया के अन्य देश क्या कदम उठा रहे हैं?
फ्रांस और ब्रिटेन ने इस संकट को हल करने के लिए पेरिस में एक अंतरराष्ट्रीय मीटिंग बुलाई है, जिसमें करीब 40 देश हिस्सा ले रहे हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने कहा कि जहाजों की सुरक्षा के लिए उनका मिशन सिर्फ बचाव तक सीमित रहेगा। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer ने इसे पूरी दुनिया की जिम्मेदारी बताया है कि Hormuz Strait को तुरंत और बिना किसी शर्त के दोबारा खोला जाए।
क्या बातचीत से मामला सुलझेगा?
पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच बिचौलिए की भूमिका निभा रहा है, लेकिन अभी अगली सीधी बातचीत की तारीख तय नहीं हो पाई है। हालांकि, डोनाल्ड Trump ने भरोसा जताया है कि आने वाली बातचीत से बहुत अच्छे नतीजे निकलेंगे और युद्ध जल्द खत्म होगा। इसी बीच इजराइल और लेबनान के बीच 10 दिन का युद्धविराम शुरू हुआ है, जिससे उम्मीद है कि ईरान और अमेरिका के बीच भी समझौता होने का रास्ता साफ हो सकता है।
| संबंधित पक्ष | मुख्य बात/कार्रवाई |
|---|---|
| ईरान (Iravani) | सुरक्षा के लिए हमलों का रुकना जरूरी बताया |
| अमेरिका (CENTCOM) | ईरानी पोर्ट्स की घेराबंदी के लिए 10,000 सैनिक तैनात किए |
| Masoud Pezeshkian | वैश्विक व्यापार पर असर की चेतावनी दी |
| Emmanuel Macron | सुरक्षा मिशन को केवल बचाव तक सीमित रखा |
| Keir Starmer | Strait को खोलना वैश्विक जिम्मेदारी बताया |
| डोनाल्ड Trump | बातचीत से युद्ध खत्म होने की उम्मीद जताई |
| पाकिस्तान | ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता का काम किया |