Strait of Hormuz को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव फिर बढ़ गया है. ईरान ने इस समुद्री रास्ते को बंद करने का ऐलान किया है, जबकि अमेरिकी सेना का कहना है कि यहाँ सब सामान्य है. दुनिया के तेल व्यापार के लिए यह रास्ता बहुत ज़रूरी है, इसलिए अमेरिकी सेना यहाँ पूरी तरह सतर्क है.
US Central Command (CENTCOM) ने शनिवार को बताया कि अमेरिकी सेना Strait of Hormuz में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए हाई अलर्ट पर है. सेना ने साफ किया कि वे अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन कराएंगे और समुद्री सुरक्षा बनाए रखेंगे.
ईरान का दावा और अमेरिका का जवाब
ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने दावा किया कि उन्होंने Strait of Hormuz को सभी जहाजों के लिए बंद कर दिया है. ईरान का कहना है कि अमेरिका ने समझौते का उल्लंघन किया है और लेबनान में इसराइल के हमलों की वजह से यह कदम उठाया गया है. हालांकि, अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि ईरान द्वारा रास्ता बंद किए जाने का कोई सबूत नहीं मिला है.
CENTCOM की रिपोर्ट के मुताबिक, 20 जून को 55 व्यापारी जहाजों ने इस रास्ते का इस्तेमाल किया और करीब 1.7 करोड़ बैरल तेल दुनिया के बाज़ारों तक पहुँचाया. इससे यह बात सामने आई कि रास्ता असल में खुला हुआ है.
समझौते और नए नियम
बता दें कि 17 जून 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने एक अंतरिम समझौता (MoU) साइन किया था. इस समझौते के तहत समुद्री रास्तों को फिर से खोलने और सैन्य ऑपरेशन बंद करने की बात कही गई थी.
लेकिन 19 जून को ईरान की Persian Gulf Strait Authority (PGSA) ने नए नियम लागू कर दिए. अब जहाजों को उत्तरी रूट का इस्तेमाल करना होगा और इसके लिए परमिट लेना ज़रूरी होगा. बिना परमिट और Approved Insurance के जहाजों को आने की इजाज़त नहीं होगी.
आगे क्या होगा
अमेरिका और ईरान के बीच इस डील को लागू करने के लिए 21 जून को स्विट्जरलैंड में तकनीकी बातचीत होनी है. वहीं, Joint Maritime Information Center (JMIC) ने जहाजों को सलाह दी है कि वे तय किए गए सुरक्षित रास्तों का ही इस्तेमाल करें. समुद्री विशेषज्ञों को डर है कि रास्ते में बिछाई गई माइन्स (mines) की वजह से जहाजों को खतरा हो सकता है, जिन्हें हटाने में काफी समय और पैसा लगेगा.
