दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल रास्तों में से एक Strait of Hormuz में तनाव बहुत बढ़ गया है। ईरान और अमेरिका के बीच चल रही खींचतान की वजह से यहां जहाजों का आना-जाना लगभग बंद हो गया है। इस स्थिति से पूरी दुनिया की एनर्जी सप्लाई और व्यापार पर बड़ा असर पड़ सकता है।

ईरान ने लागू किए नए समुद्री नियम, अब किसे मिलेगी एंट्री?

ईरान ने Strait of Hormuz के लिए एक नया ‘सोवरेन गवर्नेंस सिस्टम’ शुरू किया है। अब यहां से गुजरने वाले जहाजों को पहले अनुमति लेनी होगी और इलेक्ट्रॉनिक निर्देशों का पालन करना होगा। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने 16 मई को साफ किया कि जो देश ईरान के साथ सहयोग करेंगे, उन्हें प्राथमिकता मिलेगी। ईरान के संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने इसे एक ‘नया समीकरण’ बताया है। हालांकि, अमेरिका के नेतृत्व वाले ‘फ्रीडम प्रोजेक्ट’ से जुड़े जहाजों के लिए यह रास्ता पूरी तरह बंद रहेगा।

अमेरिका की नाकाबंदी का असर, 76 दिनों से बंद है कमर्शियल रास्ता

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का दावा है कि Strait of Hormuz पर उनका नियंत्रण है। अमेरिकी सेना इस इलाके में नाकाबंदी कर रही है और आर्मी हेलीकॉप्टर के जरिए जहाजों की निगरानी की जा रही है। डेटा के मुताबिक, 28 फरवरी 2026 से यह रास्ता कमर्शियल शिपिंग के लिए प्रभावी रूप से बंद है। US Central Command की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 78 जहाजों का रास्ता बदला गया और 4 जहाजों को डिसेबल किया गया। जहां पहले दिन में 60 से 95 जहाज गुजरते थे, अब सिर्फ 4 से 6 जहाज ही दिख रहे हैं, जो सामान्य ट्रैफिक का केवल 4 से 10 प्रतिशत है।

क्या बातचीत से निकलेगा रास्ता? ताजा अपडेट

फिलहाल स्थिति काफी जटिल है और अमेरिका व ईरान के बीच शांति समझौता अभी अटका हुआ है। कुछ यूरोपीय देश अब ईरान की IRGC Navy से बातचीत कर रहे हैं ताकि उनके जहाजों को सुरक्षित रास्ता मिल सके। चीन, जापान और पाकिस्तान के कुछ जहाज पहले ही यहां से गुजर चुके हैं। 14 मई को एक ग्रीक टैंकर भी यहां से निकला, लेकिन कुल मिलाकर ट्रैफिक बहुत कम हो गया है। वहीं, ईरान ने हाल ही में इस इलाके के पास एक चीनी स्वामित्व वाले फ्लोटिंग आर्मरी को जब्त किया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Strait of Hormuz में अभी क्या स्थिति है?

यह रास्ता 28 फरवरी 2026 से कमर्शियल शिपिंग के लिए लगभग बंद है और यहाँ अमेरिका की नाकाबंदी जारी है, जिससे जहाजों की आवाजाही 90 प्रतिशत तक गिर गई है।

ईरान ने जहाजों के लिए क्या शर्तें रखी हैं?

ईरान ने नया गवर्नेंस सिस्टम बनाया है जिसमें जहाजों को पहले अनुमति लेनी होगी, इलेक्ट्रॉनिक निर्देशों का पालन करना होगा और IRGC Navy के साथ समन्वय करना होगा।