हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ गया है. ईरान का कहना है कि रास्ता खुला है, लेकिन जहाजों को उनकी सेना से तालमेल करना होगा. दूसरी तरफ, जमीनी हकीकत कुछ और ही बता रही है और करीब 800 से ज्यादा जहाज इस समय खाड़ी में फंसे हुए हैं.

ईरान ने जहाजों के लिए क्या नियम तय किए हैं?

ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री सईद खतीबज़ादेह ने बताया कि हॉर्मुज़ स्ट्रेट खुला है. उन्होंने साफ किया कि समुद्री सुरंगों (mines) और युद्ध के समय लिए गए कदमों की वजह से सभी जहाजों को ईरानी सेना से तालमेल करना होगा. अमेरिकी जहाज भी यहां से गुजर सकते हैं, बशर्ते वे कोई हमलावर हरकत न करें. ईरान ने जहाजों के लिए लारक आइलैंड के उत्तर और दक्षिण वाले वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने को कहा है.

अमेरिका और यूएई का क्या कहना है?

यूएई के मंत्री सुल्तान अहमद अल जाबेर ने ईरान के दावों को खारिज करते हुए कहा कि रास्ता खुला नहीं है और ईरान दबाव बना रहा है. वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर रास्ता तुरंत और सुरक्षित तरीके से नहीं खुला, तो अमेरिका और भी बड़े और मजबूत हमले करेगा. व्हाइट हाउस ने इस बात से इनकार किया है कि स्ट्रेट पूरी तरह बंद है, लेकिन राष्ट्रपति की मांग है कि इसे जल्द से जल्द सुरक्षित बनाया जाए.

मौजूदा स्थिति और अहम जानकारियां

8 अप्रैल को युद्धविराम (ceasefire) लागू होने के बाद भी समुद्री यातायात में कोई सुधार नहीं दिखा है. reports के अनुसार, ईरान सुरक्षित रास्ता देने के बदले प्रति जहाज 20 लाख डॉलर तक की मांग कर रहा है, जिसे अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ माना जा रहा है. इस पूरे मामले पर चर्चा के लिए 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत होनी है.

विवरण जानकारी
फंसे हुए जहाजों की संख्या 800 से ज्यादा
युद्धविराम के बाद गुजरे जहाज मात्र 8 जहाज
ईरान द्वारा मांगी गई रकम 20 लाख डॉलर प्रति जहाज
दैनिक अनुमति (स्रोत के अनुसार) अधिकतम 15 जहाज
अगली बैठक की तारीख 10 अप्रैल 2026
बैठक का स्थान इस्लामाबाद
सुझाए गए रूट लारक आइलैंड के उत्तर और दक्षिण
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.