दुनिया भर के तेल और गैस की सप्लाई के लिए सबसे जरूरी रास्ता, Strait of Hormuz, अब एक खतरनाक युद्ध का मैदान बन गया है। मार्च 2026 के पहले तीन हफ्तों में यहाँ से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में 95% की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस तनाव की वजह से ग्लोबल मार्केट में तेल की किल्लत होने का डर बढ़ गया है, क्योंकि दुनिया का लगभग 20% तेल और लिक्विड नेचुरल गैस इसी रास्ते से गुजरता है। व्यापारिक जहाजों पर हो रहे हमलों ने समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

Hormuz Strait में अभी क्या हालात हैं?

1 मार्च से 19 मार्च के बीच इस रास्ते से सिर्फ 116 जहाज ही सुरक्षित गुजर पाए हैं। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, कम से कम 23 कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाया गया है, जिसमें 8 समुद्री कर्मचारियों की मौत हो गई और कई लापता हैं। जहाजों पर बढ़ते हमलों की वजह से अब इस इलाके को ‘हाई-रिस्क’ जोन माना जा रहा है। कुवैत की Mina al-Ahmadi रिफाइनरी पर भी ड्रोन हमले हुए हैं, जिससे वहां आग लग गई और कुछ यूनिट्स को बंद करना पड़ा।

विभिन्न देशों और संस्थाओं की ताजा स्थिति क्या है?

इस संकट को देखते हुए अलग-अलग देशों ने अपने बचाव के लिए कदम उठाए हैं। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने सुरक्षित गलियारा बनाने की मांग की है क्योंकि लगभग 20,000 नाविक इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं। भारत ने भी अपने जहाजों की सुरक्षा पर बयान जारी किया है।

संस्था या देश प्रमुख अपडेट और कार्रवाई
Kuwait (KPC) सुरक्षा कारणों से तेल उत्पादन और रिफाइनिंग में कटौती शुरू की।
Iran कहा कि रास्ता खुला है लेकिन हमला करने वाले देशों के जहाजों पर पाबंदी रहेगी।
USA बाजार को स्थिर करने के लिए ईरानी तेल की बिक्री हेतु 1 महीने का लाइसेंस दिया।
India पुष्टि की कि क्षेत्र में मौजूद 22 भारतीय जहाज और 611 नाविक फिलहाल सुरक्षित हैं।
UKMTO खतरे के स्तर को गंभीर बताया और ड्रोन हमलों की जानकारी साझा की।