होरमुज जलडमरूमध्य में तनाव चरम पर पहुंच गया है, जहां 14 जुलाई 2026 को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दो सुपरटैंकरों को निष्क्रिय कर दिया। इस घटना में UAE के दो टैंकर Mombasa और Al Bahiyah ओमान के समुद्री इलाके में ईरानी क्रूज मिसाइलों की चपेट में आ गए। दुखद रूप से इस हमले में एक भारतीय क्रू सदस्य की मौत हो गई और आठ लोग घायल हुए, जिनमें छह भारतीय और दो यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं। भारत सरकार ने इस मामले में ईरान के वरिष्ठ राजनयिक को तलब कर कड़ा विरोध जताया है।
समुद्री सुरक्षा और व्यापार पर असर
इस संघर्ष के कारण समुद्री यातायात में 52% की भारी गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 15 जुलाई से ईरान पर फिर से नाकाबंदी लगाने की घोषणा की है और होरमुज से गुजरने वाले हर कार्गो पर 20% सुरक्षा शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि, अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि यह जलमार्ग खुला रहेगा। स्थिति इतनी गंभीर है कि जॉर्डन ने चार ईरानी मिसाइलों को रोका है और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने को भी निशाना बनाने की खबरें आई हैं।
प्रवासियों और व्यापार के लिए चुनौती
क्षेत्र में तनाव के चलते शिपिंग कंपनियों को काफी नुकसान हो रहा है। खुफिया जानकारी के मुताबिक, मार्च 2026 से ही ईरान समर्थित समूह सुरक्षित मार्ग देने के बदले $2 मिलियन तक की वसूली कर रहे हैं। वहीं, UK ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स को आतंकवादी संगठन घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ओमान ने सभी देशों से शांति और सुरक्षित आवाजाही बहाल करने के लिए सहयोग की अपील की है।
