हर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर नियंत्रण को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच तनातनी तेज हो गई है। ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने कहा कि जो भी संस्था इस रास्ते से सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करेगी, उसे शुल्क मिलना चाहिए। वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने इस क्षेत्र में नाकाबंदी लागू करने और THE GUARDIAN OF THE HORUMZ STRAIT की भूमिका निभाते हुए सभी कार्गो पर 20% सुरक्षा शुल्क लगाने की घोषणा की है।
क्या है पूरा मामला
ईरान के Persian Gulf Strait Authority (PGSA) ने इस जलमार्ग को फिलहाल बंद घोषित कर दिया है। उनका कहना है कि अमेरिकी सेना की हालिया गतिविधियों के कारण सुरक्षित मार्ग अभी उपलब्ध नहीं है। ईरान का दावा है कि यह जलमार्ग उनका क्षेत्र है और वे यहाँ यातायात प्रबंधन के लिए ओमान के साथ मिलकर एक तंत्र बनाने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, ईरान ने अमेरिकी शुल्क को बहुत ज्यादा बताया है और कहा है कि वे अपनी तरफ से निष्पक्ष रहेंगे।
अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
अमेरिकी सेना की CENTCOM ने ईरान के नियंत्रण के दावों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि उनके बल इस जलमार्ग को खुला रखने के लिए तैयार हैं। 14 जुलाई 2026 को रात 20:00 GMT बजे से अमेरिका अपनी नाकाबंदी लागू करेगा। इसके विपरीत, International Maritime Organization (IMO) ने साफ कहा है कि किसी भी जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए अनिवार्य शुल्क वसूलने का कोई कानूनी आधार नहीं है। यह घटनाक्रम अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे पहले से ही नाजुक संघर्ष विराम को और अधिक खतरे में डाल रहा है।
