होर्मुज जलडमरूमध्य में हालात काफी तनावपूर्ण हो गए हैं। जहाँ एक तरफ ईरान इसे सुरक्षित बता रहा था, वहीं अब अमेरिका ने अपनी नौसेना को सख्त आदेश दिए हैं। इस विवाद की वजह से समुद्री व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है और जहाजों की आवाजाही पहले के मुकाबले बहुत कम हो गई है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ी तनातनी, क्या हैं नए आदेश?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी नौसेना को सख्त आदेश दिया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाने वाली किसी भी ईरानी नाव को देखते ही गोली मार दी जाए और उसे नष्ट कर दिया जाए। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने बताया कि ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी बढ़ रही है और यह बातचीत के दौरान भी जारी रहेगी। पेंटागन ने कांग्रेस को सूचित किया कि सुरंगों की सफाई में छह महीने लग सकते हैं, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि सफाई का काम पहले ही शुरू हो चुका है।
समुद्री व्यापार और जहाजों की आवाजाही पर क्या असर पड़ा?
वर्तमान में इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से जहाजों का आना-जाना लगभग बंद है और यह संघर्ष से पहले के स्तर का मात्र 5% रह गया है। ईरान ने अब यहाँ से गुजरने वाले जहाजों पर पारगमन शुल्क लगाना शुरू कर दिया है, जिसमें तेल और पेट्रोलियम उत्पादों पर प्रति बैरल चार्ज शामिल है। बेकर ह्यूजेस कंपनी के सीएफओ अहमद मोगल के अनुसार, यह रास्ता 2026 की दूसरी छमाही तक पूरी तरह नहीं खुल पाएगा।
भारतीय नाविक की स्थिति और दुनिया का रुख
- ईरान की IRGC ने हाल ही में दो कंटेनर जहाजों को जब्त किया और तीसरे पर हमला किया।
- जब्त किए गए जहाज ‘एपामिनोंडास’ पर सवार एक भारतीय नाविक सुरक्षित है और भारत सरकार ईरानी अधिकारियों के संपर्क में है।
- यूके और फ्रांस 12 से ज्यादा देशों के साथ मिलकर इस समुद्री रास्ते को सुरक्षित करने के लिए सैन्य योजना बना रहे हैं।
- पाकिस्तान में 25 अप्रैल को अमेरिकी और ईरानी दूतों के बीच अप्रत्यक्ष शांति वार्ता होने की उम्मीद है।