होरमुज़ जलडमरूमध्य में तनाव के बीच व्हाइट हाउस ने गुरुवार, 16 जुलाई 2026 को स्पष्ट किया है कि यह महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग उन सभी कमर्शियल जहाजों के लिए खुला है जो ईरानी बंदरगाहों की ओर नहीं जा रहे हैं। प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने जानकारी दी कि अमेरिकी नौसेना इस व्यस्त समुद्री रास्ते पर ट्रैफिक को सुरक्षित रखने के लिए तैनात है। यह घोषणा 14 जुलाई को अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों पर लगाए गए नौसैनिक नाकेबंदी के बाद आई है।
तनाव की मुख्य वजह और सैन्य कार्रवाई
ईरान ने एक समझौते का उल्लंघन किया था, जिसके बाद अमेरिका ने यह सख्त कदम उठाया। ईरान के एक प्रवक्ता ने दावा किया कि जब तक अमेरिका उनके कानूनी नियमों और ट्रांजिट फीस की शर्तों को नहीं मानता, तब तक रास्ता बंद रहेगा। इस विवाद के चलते क्षेत्र में सैन्य झड़पें भी हुई हैं। बुधवार और गुरुवार को अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी बेस पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया।
व्यापार और शिपिंग पर असर
इस संघर्ष का सीधा असर समुद्री व्यापार पर पड़ा है। बुधवार, 15 जुलाई को केवल 9 जहाज ही इस रास्ते से गुजर सके, जबकि उससे एक दिन पहले 13 जहाज गुजरे थे। सुरक्षा के डर से बड़ी शिपिंग कंपनियां अब अमेरिकी सुरक्षा घेरे के बजाय ईरान द्वारा बताए गए उत्तरी रूट का इस्तेमाल करने लगी हैं। तनाव बढ़ने के कारण शिपिंग की लागत और बीमा का प्रीमियम काफी महंगा हो गया है, जिसका असर आम उपभोक्ताओं और व्यापार पर पड़ रहा है।
