होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ा, UAE ने ईरान के साथ व्यापार पर लगाई रोक, अमेरिका भी सक्रिय.

Nura Basta19 August 20263 min read59 viewsUAE
होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ा, UAE ने ईरान के साथ व्यापार पर लगाई रोक, अमेरिका भी सक्रिय.

होर्मुज जलडमरूमध्य में पिछले लगभग सात माह से चल रहे सैन्य तनाव ने अब एक नया और गंभीर रूप ले लिया है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी के बीच संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE पर हुए हमलों ने खाड़ी देशों में हलचल बढ़ा दी है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद इलाके की सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी गहरी हो गई हैं और आम लोगों से लेकर बड़े नेताओं तक की निगाहें इस समुद्री रास्ते पर टिकी हैं।

UAE का कड़ा कदम और ईरान के साथ व्यापार पर रोक

अल जजीरा, गल्फ न्यूज और सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, UAE ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद बहुत बड़ा फैसला लिया है। देश ने तत्काल प्रभाव से ईरान के साथ सभी प्रकार के व्यापार, कमर्शियल लेनदेन और वित्तीय आदान-प्रदान पर पूरी तरह रोक लगा दी है। सरकार का यह साफ कहना है कि यह कदम क्षेत्रीय अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय शांति को खतरे में डालने वाली गतिविधियों को देखते हुए उठाया गया है।

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UAE विदेश मंत्रालय के रणनीतिक संचार विभाग की निदेशक अफरा अल हमेली ने इस बात की घोषणा करते हुए साफ किया कि ये सभी प्रतिबंध अगली सूचना तक कड़ाई से लागू रहेंगे। उधर, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने रक्षा मंत्रालय के इन दावों को सिरे से खारिज किया है और इन्हें बेबुनियाद बताया है।

अमेरिका और अन्य देशों की प्रतिक्रिया

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ फिलहाल कोई बातचीत नहीं चल रही है और होर्मुज जलडमरूमध्य अब अमेरिकी क्षेत्र के अंतर्गत आता है। अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो ने इस घटना के तुरंत बाद UAE के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शेख तहनून बिन ज़ायद अल नाहयान से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने इस जलमार्ग पर आवाजाही की आजादी बनाए रखने और लेबनान के हालात पर चर्चा की। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगोट ने इस टेलीफोनिक बातचीत की पुष्टि की है।

दूसरी तरफ, ईरानी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ अली अब्दुल्लाही ने खाड़ी देशों को चेतावनी दी है कि वे अमेरिकी सेना की मदद बिल्कुल न करें। फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक उन्होंने कहा कि सैन्य विमानों की मौजूदगी को बिना मेजबान देशों की जानकारी के नहीं समझा जा सकता।

ईरान की तेल कमाई और अमेरिकी युद्धपोतों की हलचल

एक तरफ जहां सैन्य तनाव अपनी चरम सीमा पर है, वहीं ईरान के तेल मंत्रालय ने एक चौंकाने वाला आंकड़ा साझा किया है। मंत्रालय के अनुसार, इस साल के पहले चार महीनों में ईरान को तेल निर्यात से विदेशी मुद्रा के रूप में 7.5 अरब डॉलर की कमाई हुई है। यह राशि सेंट्रल बैंक को सौंप दी गई है और यह पिछले साल की इसी अवधि से 1.5 गुना ज्यादा है।

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अमेरिकी सेना ने अपने एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन का वीडियो फुटेज जारी किया है। यह युद्धपोत मलक्का जलडमरूमध्य से गुजरते हुए मध्य पूर्व पहुंच रहा है और वहां पहले से तैनात यूएसएस अब्राहम लिंकन की जगह लेगा। इन सभी सैन्य और कूटनीतिक बदलावों का असर उन प्रवासी भारतीयों और कामगारों पर भी पड़ सकता है जो खाड़ी देशों में रहते हैं या इस रास्ते से सफर करते हैं।

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