Strait of Hormuz में अब हालात पहले से बेहतर हो रहे हैं. Joint Maritime Information Center (JMIC) ने यहां सुरक्षा खतरे के स्तर को घटाकर ‘moderate’ यानी मध्यम कर दिया है. यह फैसला अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक समझौते के बाद आया है, जिससे अब समुद्री रास्तों पर जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है.
अमेरिका और ईरान के बीच हुआ समझौता
बुधवार रात यानी 17 जून 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और ईरान के बीच एक समझौता (MOU) साइन हुआ. इस समझौते का मुख्य मकसद Strait of Hormuz को तुरंत फिर से खोलना और आगे की बातचीत शुरू करना था. इसके बाद United States Central Command ने ईरान के बंदरगाहों और तटीय इलाकों की समुद्री नाकाबंदी हटा ली है.
जहाजों की आवाजाही में बढ़ोत्तरी
नाकाबंदी हटने के बाद अब समुद्र में हलचल बढ़ गई है. 18 जून को कम से कम 10 कमर्शियल जहाजों को इस रास्ते से गुजरते देखा गया. पिछले 110 दिनों से यहां काम काफी प्रभावित था. ईरान के Strait authority को निर्देश दिए गए हैं कि वे जहाजों को रास्ता देने के लिए ट्रांजिट परमिट की प्रक्रिया को तेज करें.
अभी भी बना हुआ है कुछ खतरा
रास्ता खुलने के बावजूद कुछ सावधानियां बरतनी होंगी. बताया गया है कि Strait of Hormuz के मुख्य बीच वाले रास्ते में अभी भी लगभग 80 माइन्स (mines) मौजूद हैं, जिसकी वजह से वहां से जहाज नहीं जा सकते. इसलिए जहाज अब ओमान (Oman) और ईरान के किनारों वाले छोटे और सुरक्षित रास्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं.
BIMCO (Baltic and International Maritime Council) ने सलाह दी है कि सुरक्षा की स्थिति अभी भी बदल सकती है. इसलिए जहाज मालिकों को पूरा रिस्क असेसमेंट करने के बाद ही आगे बढ़ना चाहिए.