होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का 100 प्रतिशत नियंत्रण, डोनाल्ड ट्रंप ने किया बड़ा दावा.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया भर की नजरों के बीच एक बहुत बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि इस समय सामरिक रूप से बेहद अहम माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरी तरह से केवल अमेरिकी नौसेना का नियंत्रण स्थापित हो चुका है। व्हाइट हाउस में आयोजित एक खास कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यह बात कही और अपनी नौसेना की ताकत का खुलकर बखान किया।
अचूक नाकाबंदी और फौलादी दीवार का दावा
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी तरफ से लगाई गई नाकाबंदी पूरी तरह से अचूक और किसी फौलादी दीवार की तरह मजबूत है। उनके अनुसार इस जलडमरूमध्य पर इस वक्त उनका 100% नियंत्रण बना हुआ है। इस बीच गल्फ न्यूज की तरफ से सामने आई रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि राष्ट्रपति ने ईरान की मौजूदा माली हालत पर बात करते हुए उसे पूरी तरह से कंगाल करार दिया है। उनका कहना था कि ईरान के पास अपने सैनिकों को देने के लिए वेतन तक नहीं बचा है और वहां महंगाई दर बढ़कर 300% तक पहुंच चुकी है।
हटा दी गईं बारूदी सुरंगें और नए नियम लागू
अमेरिकी प्रशासन का यह भी कहना है कि उन्होंने इस जलडमरूमध्य के रास्ते से सभी तरह की बारूदी सुरंगों को हटा दिया है। अब यह रास्ता गैर-ईरानी जहाजों के लिए पूरी तरह से खोल दिया गया है। हालांकि इस कड़े प्रतिबंध और नाकाबंदी के दायरे में किसी भी जहाज को ईरानी बंदरगाहों के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है, जबकि बाकी सामान्य शिपिंग का काम लगातार जारी रखा गया है।
तनावपूर्ण हालात और सैन्य तैनाती
आपको बता दें कि इस तरह की अमेरिकी नाकाबंदी को सबसे पहले अप्रैल 2026 में लागू किया गया था। हालांकि इसके बाद जून महीने के मध्य में एक अंतरिम समझौता हुआ जिसके तहत इसे कुछ समय के लिए हटा लिया गया था। लेकिन जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों के बाद जुलाई महीने के बीच में इसे दोबारा से कड़ाई के साथ लागू कर दिया गया। इस बीच अमेरिकी मध्य कमान की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक इस संवेदनशील क्षेत्र में 20 से अधिक युद्धपोतों को तैनात किया गया है और अगस्त की शुरुआत तक लगभग 55 वाणिज्यिक जहाजों का मार्ग बदला गया है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से यह समुद्री मार्ग बहुत ही संवेदनशील और महत्वपूर्ण माना जाता है, जिस पर ईरान और अमेरिका के बीच लगातार तनातनी बनी हुई है।