Strait of Hormuz में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव इतना बढ़ गया है कि अब यह जंग का रूप ले सकता है. ईरान ने समुद्री रास्ते को बंद कर दिया है, वहीं अमेरिका ने अपनी नेवी को सख्त निर्देश दिए हैं. इस टकराव की वजह से जहाजों की आवाजाही लगभग रुक गई है, जिससे पूरी दुनिया में तेल की किल्लत और महंगाई बढ़ सकती है.

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अमेरिका और ईरान के बीच क्या हुआ

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 24 अप्रैल 2026 को आदेश दिया कि अगर कोई भी ईरानी नाव Strait of Hormuz में माइन बिछाते हुए पकड़ी गई, तो उसे तुरंत ‘शूट एंड किल’ कर दिया जाए. अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी कर रखी है ताकि वहां से कोई सामान बाहर न जा सके. दूसरी तरफ, ईरान की IRGC ने समुद्री रास्तों पर पाबंदी लगा दी है और कहा है कि जब तक अमेरिकी नाकेबंदी खत्म नहीं होती, रास्ता बंद रहेगा. ईरान ने कुछ जहाजों पर फायरिंग भी की है.

समुद्री व्यापार और आम आदमी पर क्या असर होगा

  • जहाजों की कमी: पहले यहाँ रोज़ाना करीब 129 जहाज गुजरते थे, लेकिन अब यह संख्या गिरकर सिर्फ 9 रह गई है.
  • तेल की किल्लत: International Energy Agency ने चेतावनी दी है कि यह इतिहास का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट बन सकता है.
  • जब्ती की कार्रवाई: अमेरिका ने ईरानी तेल ले जा रहे एक टैंकर को जब्त किया है, जबकि ईरान ने भी दो कंटेनर जहाजों को पकड़ा है.
  • चीनी रिफाइनरी पर वार: अमेरिका ने ईरानी तेल ले जाने वाले 40 जहाजों और चीन की एक रिफाइनरी पर नए प्रतिबंध लगाए हैं.

शांति के लिए क्या कोशिशें हो रही हैं

इस तनाव को कम करने के लिए Pakistan एक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है. अमेरिकी दूत Steve Witkoff और Jared Kushner इस हफ्ते इस्लामाबाद जा सकते हैं ताकि ईरान के साथ बातचीत की जा सके. हालांकि, शांति की राह आसान नहीं है क्योंकि चीन और रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उस प्रस्ताव को वीटो कर दिया है, जिसमें ईरानी हमलों को रोकने की बात कही गई थी. यूरोपीय संघ ने भी चिंता जताई है कि दुनिया की स्थिरता के लिए इस रास्ते का खुलना बहुत ज़रूरी है.