होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाकर किए गए हमलों में 2 भारतीय नाविकों की जान चली गई है। इन हमलों के बाद दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों ने घायल चालक दल के सदस्यों से मुलाकात की और उनका हाल जाना। 13 और 14 जुलाई 2026 के बीच हुए इन हमलों ने पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है।
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हमले की पूरी जानकारी
14 जुलाई को यूएई के झंडे वाले तेल टैंकर Mombasa और Al Bahiyah पर ईरानी क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया। Mombasa जहाज पर मौजूद एक भारतीय की मौत हो गई, जबकि 8 अन्य लोग घायल हो गए। घायलों में 6 भारतीय और 2 यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं। इससे पहले 13 जुलाई को साइप्रस के जहाज GFS Galaxy पर हुए हमले में पुणे के मरीन इंजीनियर Heramb Karmarkar की मौत हो गई थी। इस जहाज पर 11 भारतीय सवार थे जिनमें से 10 को सुरक्षित निकाल लिया गया था।
भारत सरकार की कड़ी प्रतिक्रिया
भारत के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और नई दिल्ली में ईरान के उप-राजदूत को तलब कर अपना विरोध दर्ज कराया है। भारत ने स्पष्ट कहा है कि नाविकों को निशाना बनाना और समुद्र में आवाजाही को बाधित करना बेहद गंभीर विषय है। वहीं, यूएई के रक्षा मंत्रालय ने भी इस घटना को अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है। सुरक्षा स्थितियों को देखते हुए 15 जुलाई 2026 को अमेरिका ने ईरान पर जवाबी हमले किए ताकि व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और ईरान की क्षमता को कम किया जा सके।
