यमन के हूती विद्रोहियों ने 20 जुलाई 2026 को सऊदी अरब के खिलाफ तत्काल प्रभाव से समुद्री नाकेबंदी की घोषणा की है। हूती सैन्य प्रवक्ता Yahya Saree ने इसे सना एयरपोर्ट पर हुए हमलों और यमन पर लगाए गए घेराबंदी का जवाब बताया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सऊदी अरब कोई भी गलत कदम उठाता है, तो वे इसे निर्णायक और व्यापक रूप देंगे। साथ ही, हूती गुट ने एयरलाइन्स को चेतावनी दी है कि वे सऊदी हवाई क्षेत्र का उपयोग न करें।

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सऊदी अरब का जवाब और सुरक्षा के कड़े इंतजाम

सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने इन धमकियों को सिरे से खारिज किया है। सऊदी सरकार ने स्पष्ट किया है कि वे अंतरराष्ट्रीय कानून और 1982 United Nations Convention on the Law of the Sea के तहत अपने जहाजों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएंगे। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने अपनी समुद्री सीमाओं और बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा उपाय शुरू कर दिए हैं और किसी भी हमले का करारा जवाब देने की तैयारी की है।

संयुक्त राष्ट्र की चिंता और वैश्विक व्यापार पर असर

संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता Stephane Dujarric ने इस मामले पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने चेतावनी दी कि लाल सागर में नाकेबंदी से वैश्विक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और मानवीय सहायता पर बुरा असर पड़ सकता है। संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से शांति और कूटनीति के रास्ते पर चलने की अपील की है। बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य एक महत्वपूर्ण वैश्विक समुद्री मार्ग है, और यहाँ किसी भी तरह की अशांति का असर खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ सकता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.