लाल सागर यानी Red Sea में गुरुवार, 23 जुलाई 2026 को सऊदी अरब के एक तेल टैंकर पर हमला हुआ है। यमन के हूती विद्रोहियों ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है और दावा किया है कि उन्होंने सऊदी टैंकर Encelia को निशाना बनाया है। इस हमले के कारण टैंकर में आग लग गई थी, जो Al Shuqaiq से करीब 70 नॉटिकल मील दक्षिण-पश्चिम में हुआ। राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी की जान जाने की खबर नहीं है।
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हमले के पीछे की वजह और चेतावनी
हूती विद्रोहियों ने बताया कि उन्होंने मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल कर इन जहाजों को निशाना बनाया है। उनका कहना है कि यह हमला सऊदी अरब द्वारा यमन में लगाए गए नाकेबंदी और हाल ही में सना एयरपोर्ट पर हुए हमले के जवाब में है। हूतियों ने चेतावनी जारी की है कि सऊदी पोर्ट से जुड़ा कोई भी जहाज अब इस समुद्री रास्ते का इस्तेमाल नहीं करेगा।
EU की तरफ से कड़ा निर्देश
इस स्थिति को देखते हुए यूरोपियन यूनियन के नौसैनिक मिशन Operation ASPIDES ने क्षेत्र में सुरक्षा का खतरा बढ़ा दिया है। 22 जुलाई 2026 से पूरे रेड सी, Bab el-Mandeb जलडमरूमध्य और Gulf of Aden में खतरे का स्तर Medium घोषित कर दिया गया है। सभी मर्चेंट जहाजों, खासकर जिनका संबंध सऊदी, अमेरिका या इजराइल से है, उन्हें इन रास्तों से फिलहाल न गुजरने की सलाह दी गई है। सऊदी जनरल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है और समुद्री रास्तों से गुजरने वाले जहाजों को पूरी सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है।
