Yemen का Marib शहर फिर बना युद्ध का अखाड़ा, Houthi मिसाइल और ड्रोन हमले में 2 आम नागरिकों की मौत और 14 घायल

यमन का Marib शहर एक बार फिर भयंकर हमलों की चपेट में है। 7 अगस्त 2026 को Houthi मिलिशिया की तरफ से किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी है। इस दुखद घटना में 2 आम नागरिकों की जान चली गई है, जबकि 14 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हमले का निशाना मुख्य रूप से रिहायशी इलाके और विस्थापित लोगों के रहने वाले कैंप बने, जिससे आम लोगों में भारी अफरातफरी मच गई।
स्वास्थ्य मंत्रालय का अलर्ट और स्थिति की गंभीरता
यमन के स्वास्थ्य मंत्री Qasim Buhaibeh ने तुरंत संज्ञान लेते हुए Marib और Hadramout प्रांतों के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि घायलों को इलाज देने में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। उन्होंने इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है और इसे मानवता के खिलाफ करार दिया है। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि हमले इतने अचानक थे कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले और सरकार की चेतावनी
सिर्फ आम नागरिक ही नहीं, बल्कि सरकारी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया गया है। सैन्य सूत्रों के मुताबिक, Marib के Harib इलाके में Houthi ड्रोन हमले में 3 सरकारी सैनिक शहीद हुए और 4 घायल हो गए। इसके अलावा, Houthi आतंकियों ने Marib शहर में स्थित Third Military Region के मुख्यालय पर 10 मिसाइलों और 7 ड्रोन से हमला किया। हालांकि, यमन के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि उनकी सुरक्षा बलों ने कई Houthi ड्रोन्स को हवा में ही मार गिराया है और वे इसका कड़ा जवाब देने की तैयारी कर रहे हैं।
बढ़ता तनाव और अंतरराष्ट्रीय चिंता
Houthi सैन्य प्रवक्ता Yahya Sarea ने इन हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि उन्होंने Sahn al-Jinn al-Jinn कैंप में सऊदी समर्थित बलों के वाहनों और हथियारों को भारी नुकसान पहुंचाया है। यह हमला 6 अगस्त 2026 को हुई उस घटना के बाद हुआ है, जिसमें 58 सरकारी सैनिक मारे गए थे। सऊदी अरब के एक सैन्य सूत्र ने चेतावनी दी है कि यदि Marib को कोई खतरा होता है, तो गठबंधन सेना चुप नहीं बैठेगी क्योंकि Marib उनके लिए एक रेड लाइन की तरह है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस हमले को लेकर कड़ा रुख अपनाया गया है। European Union के प्रवक्ता ने इसे अस्वीकार्य बताते हुए आम नागरिकों को निशाना बनाने की निंदा की है। वहीं, US Mission to Yemen ने इसे आतंकवाद का नाम दिया है और इस बात पर गहरी चिंता जताई है कि यह हिंसा यमन को फिर से एक बड़े और पूर्ण युद्ध की ओर धकेल सकती है। प्रवासी और स्थानीय लोग अब हालात के और बिगड़ने की आशंका से डरे हुए हैं।