यमन के ईरान समर्थित हूती गुट ने शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026 को इसराइल के जाफ़ा इलाके पर बैलिस्टिक मिसाइलों से बड़ा हमला करने का दावा किया है। हूतियों के मुताबिक यह एक साझा सैन्य अभियान था जिसमें कई मिसाइलें एक साथ दागी गई हैं। इस हमले के बाद पश्चिम एशिया में चल रहा तनाव और भी ज़्यादा बढ़ गया है। क्षेत्रीय युद्ध की यह स्थिति अब और भी गंभीर होती जा रही है।

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हूती प्रवक्ता ने हमले को लेकर क्या जानकारी दी?

हूती प्रवक्ता Yahya Saree ने बताया कि यह हमला क्षेत्र की अन्य सहयोगी ताकतों के साथ मिलकर किया गया है। उन्होंने साफ़ तौर पर इराक, ईरान, फिलिस्तीन और लेबनान के जिहाद फ्रंट का नाम लिया है। हूतियों के मुताबिक उन्होंने जाफ़ा में इसराइली ठिकानों को निशाना बनाया और दावा किया कि मिसाइलें सही जगह पर जाकर गिरी हैं। हूतियों ने कहा है कि जब तक हालात नहीं बदलते, वे अपने हमले जारी रखेंगे और इसे और भी तेज़ कर सकते हैं।

इसराइली सेना का इस हमले पर क्या कहना है?

इसराइल डिफेंस फोर्स (IDF) ने पुष्टि की है कि यमन की तरफ से मिसाइल दागी गई थी। सेना ने बताया कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने खतरे को भांपते हुए काम करना शुरू कर दिया था। इस दौरान इलाके में सायरन बजाए गए और लोगों को सुरक्षा नियमों का पालन करने को कहा गया। हालांकि इस खास घटना में किसी की जान जाने की तुरंत कोई खबर नहीं आई है, लेकिन पूरे मध्य इसराइल में अफरातफरी का माहौल देखा गया।

क्षेत्र में चल रहे संघर्ष से जुड़े अहम तथ्य

तारीख घटना असर
3 अप्रैल 2026 हूतियों का जाफ़ा पर हमला इसराइल में सायरन और अलर्ट
28 मार्च 2026 ईरान के साथ सीधा टकराव शुरू क्षेत्रीय युद्ध का खतरा बढ़ा
फरवरी 2026 अमेरिकी-इसराइली अभियान ईरान पर हमलों की शुरुआत
ताज़ा हालात खाड़ी देशों पर असर कुवैत और अबू धाबी में भी अलर्ट

हाल के दिनों में यह हूतियों की तरफ से किया गया चौथा बड़ा हमला है। अमेरिका की तरफ से भी ईरान पर हमलों में तेज़ी आई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ढांचे को काफी नुकसान पहुँचाया है। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्री ने नागरिक ठिकानों पर हो रहे हमलों का विरोध किया है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए भी यह तनाव चिंता का विषय बना हुआ है क्योंकि इससे विमानों की उड़ानों और व्यापार पर असर पड़ रहा है।