यमन के हूती विद्रोही गुट ने सोमवार, 20 जुलाई 2026 को सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी का ऐलान किया है। इस घोषणा के साथ ही हूतियों ने कहा कि वे अब हर तरह के विकल्प के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस कदम ने चार साल से चल रहे अनौपचारिक युद्धविराम को तोड़ दिया है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और गहराने की आशंका बढ़ गई है।
नाकेबंदी के पीछे की वजह
हूती सैन्य प्रवक्ता Yahya Saree ने इस कदम को ‘ईंट का जवाब पत्थर से’ बताया है। उनका कहना है कि सऊदी अरब पहले से ही यमन के हूती-नियंत्रित इलाकों की नाकेबंदी कर रहा है और हाल ही में सना एयरपोर्ट पर हमले किए हैं। इसी के जवाब में हूतियों ने सऊदी जहाजों के लिए समुद्र बंद करने का फैसला लिया है।
तनाव और आगे की स्थिति
पिछले हफ्ते सना एयरपोर्ट पर एक ईरानी विमान के उतरने की कोशिश के दौरान रनवे पर बमबारी की गई थी। इसके जवाब में हूतियों ने सऊदी अरब के Abha International Airport पर मिसाइलें दागीं। वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के साथ-साथ हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से बाब अल-मंडेब जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों पर भी खतरा बना हुआ है। हूती गुट ने सऊदी अरब को किसी भी तरह की ‘बेवकूफी’ न करने की चेतावनी दी है और कहा है कि किसी भी हमले का करारा जवाब दिया जाएगा।
