Saudi Arabia पर ड्रोन हमला: नज़रान एयरपोर्ट को बनाया गया निशाना, हूती विद्रोहियों ने ब्लॉकड़े का किया ऐलान

सऊदी अरब के नज़रान इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 5 अगस्त 2026 को एक ड्रोन हमला किया गया है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने बताया कि यह हमला यमन के सादा और हज्जा प्रांतों के ऊपर सऊदी ड्रोन घुसपैठ का बदला लेने के लिए किया गया था। इस घटना के बाद से ही पूरे इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं और हवाई यातायात पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
हूती विद्रोहियों की ओर से ब्लॉकड़े की घोषणा
हूती समूह ने इस हमले से पहले ही सऊदी अरब के खिलाफ आक्रामक रुख अपना रखा है। हूती विद्रोहियों ने 20 जुलाई 2026 को समुद्री ब्लॉकड़े और 22 जुलाई 2026 को हवाई ब्लॉकड़े की घोषणा की थी। इन लोगों का कहना है कि यह कदम यमन पर लगाए गए प्रतिबंधों और सना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हालिया हमलों के जवाब में उठाया गया है। प्रवक्ता ने यह दावा भी किया कि उन्होंने लाल सागर में सऊदी टैंकर 'Wafa' पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया है। हालांकि, इन दावों की पुष्टि सऊदी अधिकारियों की ओर से नहीं की गई है।
क्षेत्रीय अस्थिरता और बढ़ता तनाव
क्षेत्र में तनाव सिर्फ एक जगह तक सीमित नहीं रहा है। 6 अगस्त 2026 को अदन की खाड़ी में एक तेल टैंकर के पास धमाके की सूचना मिली है। इसके अलावा, हधरामौत और मारिब प्रांतों में यमनी सैन्य शिविरों पर हूती विद्रोहियों द्वारा एक बड़ा हमला किया गया। यमनी सरकार के आंकड़ों के अनुसार, इस हमले में 30 लोगों की मौत हुई और 50 से अधिक लोग घायल हो गए। सऊदी अरब ने हूती धमकियों को पहले ही 'अस्वीकार्य' करार दिया है, जैसा कि NewsOnAir की रिपोर्ट में बताया गया है।
प्रवासियों के लिए क्या हैं मायने
खाड़ी देशों में रहने वाले हजारों भारतीय और अन्य प्रवासी इन घटनाओं पर नजर बनाए हुए हैं। नज़रान और यमन की सीमा के पास की स्थिति न केवल व्यापारिक समुद्री रास्तों के लिए जोखिम पैदा कर रही है, बल्कि इससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और माल ढुलाई पर भी असर पड़ सकता है। हूतियों की इन गतिविधियों से क्षेत्रीय सुरक्षा के हालात नाजुक बने हुए हैं, जिसकी जानकारी सरकारी आधिकारिक सूत्रों से भी मिली है। आने वाले दिनों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम और अधिक चौकसी की उम्मीद की जा सकती है।