यमन के हूती समूह ने 27 जुलाई 2026 को सऊदी अरब की तेल सुविधाओं को निशाना बनाने का दावा किया है। हूती प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारी ने बताया कि उनके बलों ने सऊदी अरब के पूर्वी हिस्से और Yanbu बंदरगाह तक ड्रोन हमले किए। इस हमले के बाद हूतियों ने सऊदी अरब के खिलाफ तत्काल प्रभाव से समुद्री नाकेबंदी की घोषणा की है।
सऊदी अरब का बचाव और इराक से आए ड्रोन
सऊदी रक्षा मंत्रालय ने इन हमलों के कुछ घंटों बाद जानकारी दी कि उन्होंने इराक की ओर से आए कई ड्रोन्स को नष्ट कर दिया है। ये ड्रोन सऊदी अरब की राजधानी Riyadh और पूर्वी प्रांत की तेल सुविधाओं को निशाना बना रहे थे। सऊदी अधिकारियों ने इसके पीछे ईरान समर्थित समूहों का हाथ बताया है। हालांकि, सऊदी अरब ने हूतियों के सीधे दावों पर कोई पुष्टि नहीं की है, लेकिन Jazan और Yanbu में पहले ही नागरिक सुरक्षा संबंधी चेतावनी जारी की गई थी।
तेल सप्लाई और ट्रांसपोर्ट पर असर
लगातार हमलों के कारण तेल शिपिंग के रास्तों पर बड़ा असर पड़ा है। शिपिंग आंकड़ों के अनुसार, Bab el-Mandeb जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में काफी कमी आई है। Vortexa की रिपोर्ट बताती है कि Yanbu बंदरगाह पर तेल लोड करने की क्षमता में 40 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसके चलते सऊदी अरब को तेल निर्यात के लिए मिस्र की SUMED पाइपलाइन और Cape of Good Hope जैसे वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करना पड़ रहा है, जिससे प्रति बैरल परिवहन लागत में लगभग 9 डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। यमन के हूतियों ने पहले भी लाल सागर में दो सऊदी तेल टैंकरों, Encelia और Layla को निशाना बनाने का दावा किया था।
