US और Zionist हमला अब खतरनाक स्तर पर, हूती नेता Abdul Malik al-Houthi ने दी बड़ी चेतावनी

यमन के Ansarullah आंदोलन के नेता Sayyed Abdul Malik Badreddin al-Houthi ने अमेरिका और इसराइल की हरकतों पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि इस्लामिक देशों के खिलाफ यह हमला अब बहुत खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। यह बात उन्होंने एक खास मौके पर दिए अपने भाषण के दौरान कही।

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US और Zionist हमले इतने खतरनाक क्यों हुए?

Al-Houthi ने साफ कहा कि अमेरिका और इसराइल की मिलीभगत से इस्लामिक देशों पर हमले बढ़े हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यह स्थिति अब एक बहुत ही नाजुक दौर में है। उनके मुताबिक, आतंकवाद खत्म करने के नाम पर मिडिल ईस्ट को बदलने की बातें सिर्फ एक धोखा हैं। यमन इस लड़ाई में तटस्थ नहीं रहेगा और हमलावरों का मुकाबला करेगा।

ईरान और लेबनान के साथ क्या है हूतियों का स्टैंड?

हूती नेता ने ईरान, लेबनान और Hezbollah के साथ अपनी मज़बूत एकजुटता जताई है। उन्होंने कहा कि ईरान और Axis of Resistance इस हमले को रोकने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। साथ ही, उन्होंने उन अरब शासकों की आलोचना की जो दुश्मनों की बात मान रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ खाड़ी देश फिलिस्तीन और लेबनान के समर्थकों को सज़ा दे रहे हैं।

अन्य नेताओं ने क्या चेतावनी दी है?

यमन के अन्य नेताओं ने भी अपनी राय रखी है। Political Bureau के सदस्य Ali Al-Dailami ने 10 अप्रैल को चेतावनी दी थी कि अगर ईरान और लेबनान पर हमले नहीं रुके तो कड़ा एक्शन लिया जाएगा। वहीं, Mohammed Ali al-Houthi ने कहा कि अमेरिका और इसराइल का मकसद इस पूरे इलाके पर कब्ज़ा करना है। उन्होंने ईरान द्वारा किए गए जवाबी हमलों की तारीफ भी की है।