Saudi Arabia पर हमला, लाल सागर में सऊदी तेल टैंकर पर हुआ मिसाइल से वार, सभी क्रू मेंबर सुरक्षित.

सोमवार, 24 अगस्त 2026 को लाल सागर में एक बड़ी घटना सामने आई जहाँ सऊदी अरब का एक तेल टैंकर बड़े हादसे का शिकार होते-होते बचा। सऊदी अरब की राष्ट्रीय नौवहन कंपनी 'Bahri' का एक बहुत बड़ा क्रूड कैरियर जिसका नाम Amzan (IMO 9693745) है, उस पर एक खतरनाक प्रोजेक्टाइल यानी मिसाइल से हमला किया गया। यह जहाज सऊदी अरब के प्रसिद्ध बंदरगाह शहर यान्बू से लगभग 63 नॉटिकल मील पश्चिम दिशा में पानी के बीच चल रहा था, तभी अचानक यह हमला हुआ जिसके बाद जहाज के मुख्य डेक पर आग लग गई।
यूकेएमटीओ और कंपनी ने दी जानकारी
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस यानी UKMTO ने इस पूरे मामले की पुष्टि की और बताया कि हमले के बाद जहाज पर आग लग गई थी जिस पर काबू पा लिया गया। कंपनी 'Bahri' और यूकेएमटीओ दोनों ने मिलकर यह राहत भरी खबर दी कि जहाज पर मौजूद सभी क्रू मेंबर यानी कर्मचारी पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी को भी कोई चोट नहीं आई है। गनीमत यह रही कि इस भयानक घटना के बाद समंदर में तेल फैलने या किसी भी तरह के पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की कोई खबर सामने नहीं आई है, जिससे अधिकारियों ने बड़ी राहत की सांस ली है।
यमन के हूती विद्रोहियों ने ली हमले की जिम्मेदारी
यमन के हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेई ने इस हमले की पूरी जिम्मेदारी अपने ऊपर ली और दावा किया कि उनके लड़ाकों ने इस जहाज को एक बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया है। उन्होंने इस हमले को एकदम सटीक और सीधा हमला बताया और कहा कि यह उनकी उस नीति का हिस्सा है जिसके तहत वे सऊदी नौवहन के खिलाफ नाकेबंदी कर रहे हैं। हूती संगठन ने इस नीति का ऐलान औपचारिक तौर पर 20 जुलाई को किया था। इसके अलावा, हूती गुट ने उसी दिन यमन के हद्रमौत और अल-जौफ इलाकों में सऊदी सेना के खिलाफ दो और अलग सैन्य अभियानों का दावा किया, हालांकि इन दोनों अतिरिक्त हमलों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।
मिस्र की नौसेना ने की मदद और जारी हुई चेतावनी
निजी सुरक्षा फर्म Ambrey से मिली जानकारी के अनुसार, जब 'Amzan' टैंकर पर हमला हुआ और उसने डिस्ट्रेस कॉल यानी मदद के लिए संदेश भेजा, तब मिस्र की नौसेना ने तुरंत आगे बढ़कर सहायता की। इस घटना के बाद से ही लाल सागर और उसके आस-पास के इलाकों में काम करने वाले सभी कमर्शियल जहाजों और नौकाओं के लिए कड़ी चेतावनी जारी की गई है। यूकेएमटीओ ने सभी से अपील की है कि वे इस रूट पर चलते समय अत्यधिक सावधानी बरतें और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या खतरे की तुरंत रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को दें। यान्बू का बंदरगाह सऊदी अरब के लिए तेल निर्यात का एक बहुत ही महत्वपूर्ण केंद्र है, और इस तरह के हमलों से समुद्री व्यापार पर लगातार खतरा मंडरा रहा है।