Yemen में बड़ा हमला, अल-मोखा पोर्ट पर हौथी ने दागी चार बैलिस्टिक मिसाइल, आम नागरिकों की संपत्ति को पहुंचाया नुकसान

Sushma Kumari14 August 20262 min read67 viewsYemen
Yemen में बड़ा हमला, अल-मोखा पोर्ट पर हौथी ने दागी चार बैलिस्टिक मिसाइल, आम नागरिकों की संपत्ति को पहुंचाया नुकसान

यमन के ताइज़ गवर्नरेट में स्थित Al-Mokha Port पर हौथी मिलिशिया ने एक बड़ा हमला किया है। शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को हुए इस हमले में हौथी विद्रोहियों ने बंदरगाह को निशाना बनाते हुए चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इस गंभीर हमले की वजह से वहां की जरूरी सिविलियन बुनियादी ढांचे और राष्ट्रीय आर्थिक संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय प्रशासन और यमन सरकार ने इस कायराना हरकत को युद्ध अपराध करार दिया है, क्योंकि इन हमलों की चपेट में वे जरूरी ऑपरेशनल इलाके भी आए हैं जिनका इस्तेमाल बंदरगाह के नेविगेशन चैनल को ठीक रखने के लिए किया जाता था।

पश्चिमी तट पर लगातार हो रहे हैं हमले

यमन के पश्चिमी तट पर हौथी विद्रोहियों की तरफ से लगातार हिंसा फैलाई जा रही है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बीते 9 अगस्त से लेकर अब तक इस इलाके में कुल 78 से ज्यादा हमले किए जा चुके हैं। इन हमलों में अकेले 36 बैलिस्टिक मिसाइलें और 42 ड्रोन शामिल हैं, जो सीधे तौर पर आम जनता और जरूरी आर्थिक ठिकानों को तबाह करने के लिए दागे गए हैं। इस लगातार बढ़ते तनाव की वजह से पूरे इलाके में डर का माहौल बना हुआ है और लोग अपनी सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित नजर आ रहे हैं।

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ईरान पर लग रहे हैं गंभीर आरोप

यमन के सरकारी अधिकारियों ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए सीधे तौर पर हौथी मिलिशिया को जिम्मेदार ठहराया है। इसके साथ ही, यमन सरकार ने ईरान की सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि ईरान ही वह देश है जो इन विद्रोहियों को इस तरह के खतरनाक सैन्य हथियार और तकनीकी विशेषज्ञता मुहैया करा रहा है, जिसकी मदद से वे ऐसे बड़े हमलों को अंजाम दे रहे हैं। यमन सरकार ने साफ शब्दों में कहा है कि इस तरह की हरकतें न सिर्फ उनके देश की शांति को बिगाड़ रही हैं, बल्कि लाल सागर में जहाजों की आवाजाही यानी फ्रीडम ऑफ नेविगेशन के लिए भी बहुत बड़ा खतरा पैदा कर रही हैं।

संयुक्त राष्ट्र ने जताई गहरी चिंता

सुरक्षा की इस बिगड़ती हुई स्थिति को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र यानी UN के दूत Hans Grundberg ने सुरक्षा परिषद को चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा कि अल-मोखा में लगातार बढ़ रही हिंसा और कमर्शियल जहाजों पर मंडराते खतरों की वजह से यमन एक बहुत बड़े क्षेत्रीय संघर्ष की तरफ धकेला जा सकता है। उन्होंने सभी पक्षों से तुरंत हिंसा रोकने और शांति बनाए रखने की अपील की है ताकि इस इलाके को और अधिक तबाही से बचाया जा सके।

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