Yemen Update: हूथी विद्रोहियों ने फ्रंटलाइन मजबूत करने के लिए छोड़े सैकड़ों कैदी, मोचा शहर पर दागी मिसाइलें

यमन में चल रहे संघर्ष के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है जहां हूथी मिलिशिया ने अपने नियंत्रण वाले इलाकों से सैकड़ों कैदियों को रिहा करना शुरू कर दिया है। सादा, हज्जा और सनाह जैसे इलाकों से यह कदम उठाया गया है ताकि युद्ध के मोर्चों पर अपनी ताकत को बढ़ाया जा सके। रिपोर्ट के मुताबिक अब तक लगभग 850 लोगों को छोड़ा जा चुका है और धमार में आने वाले समय में 1,400 और लोगों को रिहा करने की योजना बनाई गई है। हाल ही में हुए नुकसान की भरपाई के लिए यह फैसले लिए जा रहे हैं।
जेल से सीधे युद्ध के मैदान में भेजने की तैयारी
कानूनी मामलों और मुकदमों को खत्म करने के बदले में इन कैदियों से यह शपथ ली गई है कि वे लड़ाई में हिस्सा लेंगे। कुछ कैदियों को आधिकारिक तौर पर सेना में भर्ती करने के साथ-साथ वित्तीय मदद का लालच भी दिया गया है। पिछले 48 घंटों में संगठन के 200 से ज्यादा लड़ाके मारे गए हैं जिसके बाद से उनकी ताकत कमजोर हो गई थी। इसी कमी को पूरा करने के लिए कैदियों को सीधे जंग के मैदान में झोंका जा रहा है।
सरकारी सेना का कड़ा एक्शन और हमलों का दौर
दूसरी तरफ यमन की सेना भी लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए है। यमनी सशस्त्र बलों के ब्रिगेडियर जनरल मजीद अब्दुल्ला अल-नेजिली ने बताया कि पिछले 24 घंटों में हूथी ठिकानों पर 181 सैन्य अभियान चलाए गए हैं। सरकारी फौजों ने हूथी बैरकों को निशाना बनाने के लिए एफपीवी सुसाइड ड्रोन का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। इसके जवाब में हूथी मिलिशिया ने मोचा बंदरगाह शहर पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं।
मानवीय संकट और राहत कार्यों पर असर
इस लगातार बढ़ती हिंसा और हमलों की वजह से अंतरराष्ट्रीय सहायता संगठनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इंटरनेशनल रेस्क्यू कमेटी सहित कई अन्य संगठनों ने अपने जरूरी मैदानी कामों को रोक दिया है जिससे इलाके में हालात और ज्यादा खराब हो गए हैं। आम नागरिकों के लिए जीवन यापन करना कठिन होता जा रहा है और युद्ध के कारण राहत सामग्री का पहुंचना भी मुश्किल हो गया है।