यमन के हूती विद्रोहियों ने एक बार फिर इसराइल पर हमला बोल दिया है। 2 अप्रैल 2026 को हूतियों ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि उन्होंने इसराइल के कई संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। हूतियों का कहना है कि यह हमला ईरान और हिजबुल्लाह के साथ मिलकर किया गया एक साझा सैन्य अभियान था। इस खबर के बाद से पूरे मध्य पूर्व के देशों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

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हूतियों ने हमले को लेकर क्या बड़े दावे किए?

हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने वीडियो संदेश के जरिए इस हमले की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने बताया कि यह उनका तीसरा बड़ा सैन्य अभियान है जिसमें इसराइल के ठिकानों को निशाना बनाया गया है। हूतियों ने साफ कर दिया है कि वे इस युद्ध में चुप नहीं बैठेंगे। इसके अलावा हूतियों के नेता अब्दुल मलिक अल-हूती ने कहा कि वे अमेरिकी और इसराइली हरकतों के खिलाफ ईरान का पूरा साथ देंगे। इस हमले के दौरान हूतियों ने चेतावनी भी दी है कि वे आने वाले समय में अपने हमलों को और तेज कर सकते हैं।

क्या इस हमले से कोई बड़ा नुकसान हुआ है?

इसराइल की सेना ने इस हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि यमन की तरफ से दागी गई मिसाइल को उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही रोक दिया था। इस घटना में फिलहाल किसी के घायल होने या संपत्ति के नुकसान की कोई खबर नहीं है। हमले के समय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई थी, जिन्हें बाद में वापस आने की अनुमति दे दी गई। संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हंस ग्रुंडबर्ग ने इस स्थिति पर चिंता जताई है और सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

हमले से जुड़ी मुख्य बातें

मुख्य जानकारी विवरण
हमले की तारीख 2 अप्रैल 2026
हमलावर गुट यमन के हूती विद्रोही
सहयोगी देश ईरान और हिजबुल्लाह
हथियार का प्रकार बैलिस्टिक मिसाइल
नुकसान की रिपोर्ट कोई नुकसान नहीं, मिसाइल इंटरसेप्ट हुई
धमकी बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य बंद करने की चेतावनी