यमन के हूती विद्रोहियों ने इज़राइल के खिलाफ जंग का नया मोर्चा खोलते हुए सीधे हमले शुरू कर दिए हैं। 28 और 29 मार्च 2026 को हूतियों ने इज़राइल की तरफ कई बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे। इस घटना के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में सुरक्षा को लेकर तनाव बढ़ गया है और लाल सागर (Red Sea) में तेल की सप्लाई करने वाले जहाजों पर खतरा पैदा हो गया है। अमेरिकी और इज़राइली सेना इस स्थिति पर नज़र रखे हुए है और आपसी तालमेल से जवाब देने की तैयारी कर रही है।

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हूती हमलों को लेकर क्या आधिकारिक जानकारी मिली है?

हूती सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल Yahya Saree ने अल-मसीरा टीवी पर इन हमलों की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि उन्होंने दक्षिणी इज़राइल के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है और यह हमले तब तक जारी रहेंगे जब तक उनके खिलाफ सैन्य कार्रवाई बंद नहीं होती। दूसरी तरफ इज़राइली सेना ने बताया कि उन्होंने यमन की तरफ से आई पहली मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया था। हालांकि इज़राइल ने दूसरे हमले पर तुरंत कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं की है लेकिन वह पूरी तरह सतर्क है।

क्षेत्रीय तनाव और अन्य देशों की क्या प्रतिक्रिया है?

इस हमले के बाद अमेरिका ने अपने मरीन जवानों की संख्या मिडिल ईस्ट में बढ़ा दी है और हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने भी हूतियों के इस कदम को गैर-जिम्मेदाराना बताया है। वहीं ईरान के संसद अध्यक्ष ने अमेरिका पर नई साज़िश रचने का आरोप लगाया है। हालात को संभालने के लिए सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्री पाकिस्तान में बैठक करेंगे ताकि क्षेत्रीय शांति के रास्ते तलाशे जा सकें।

देश या संगठन ताज़ा स्थिति और कदम
Houthis इज़राइल पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए
Israel मिसाइल को इंटरसेप्ट किया और जवाबी तैयारी की
USA क्षेत्र में अतिरिक्त सैन्य बल तैनात किए
Iran अमेरिका पर ज़मीनी हमले की साज़िश का आरोप लगाया
France हूती हमलों की आधिकारिक निंदा की
Oman सलालाह बंदरगाह पर हुए ड्रोन हमलों का विरोध किया