13 जुलाई 2026 को सऊदी अरब के दक्षिणी इलाके में हूती बलों ने मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। सऊदी वायु रक्षा प्रणालियों ने Abha International Airport और दो सैन्य अड्डों की ओर आ रहे इन हथियारों को हवा में ही मार गिराया। इस हमले के बाद चार साल से चला आ रहा अनौपचारिक संघर्ष विराम अब पूरी तरह खत्म हो गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।
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हमले की पूरी जानकारी
सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता Major General Turki al-Malki ने इस हमले की पुष्टि की और हूती मिलिशिया को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। यह तनाव तब शुरू हुआ जब यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने यमन के सना एयरपोर्ट पर एयरस्ट्राइक की। सरकार का कहना था कि उन्होंने ईरान के एक विमान को वहां उतरने से रोकने के लिए यह कदम उठाया था। इसके जवाब में हूती प्रवक्ता Yahya Saree ने सऊदी अरब पर हमला बोलते हुए इसे आक्रामकता करार दिया और सऊदी हवाई क्षेत्र का उपयोग करने वाली एयरलाइंस को चेतावनी दी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता
इस स्थिति को देखते हुए United Nations Security Council ने एक आपातकालीन बैठक बुलाई है। यूएन के विशेष दूत Hans Grundberg ने इस पर गहरी चिंता जताई है। वहीं, UK और Bahrain ने इन हमलों की निंदा करते हुए सऊदी अरब के साथ एकजुटता दिखाई है। फिलहाल इस क्षेत्र में अस्थिरता का माहौल है, जिसका असर यात्रा और सुरक्षा पर पड़ने की संभावना है।
