लाल सागर में सऊदी अरब के तेल टैंकर पर मिसाइल हमला, हूती विद्रोहियों ने ली जिम्मेदारी

लाल सागर के पास एक बड़ी सैन्य घटना सामने आई है, जहां 5 अगस्त 2026 को यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के एक तेल टैंकर Wafa पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया। यह हमला Yanbu तट के पास हुआ। हूती सैन्य प्रवक्ता Yahya Saree ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि उन्होंने सऊदी अरब की घेराबंदी करने की अपनी रणनीति के तहत इस जहाज को निशाना बनाया है। हूती गुट का दावा है कि वे Bab el-Mandeb जलडमरूमध्य से होने वाले व्यापार को रोकने की कोशिश में हैं और उसी के चलते यह हमला किया गया।
लगातार बढ़ रहे हैं हमले
यह घटना 22 जुलाई 2026 को हूती विद्रोहियों द्वारा घोषित समुद्री नाकेबंदी के बाद से अब तक का आठवां हमला है। हूती प्रवक्ता के अनुसार, इस नाकेबंदी के डर से अब तक 29 सऊदी तेल टैंकरों को अपना रास्ता बदलना पड़ा है या उन्हें वापस लौटना पड़ा है। हूतियों का यह कहना है कि वे इन हमलों को और तेज करेंगे क्योंकि सऊदी अरब अपने टैंकरों को उत्तरी लाल सागर के रास्ते से भेजकर उनकी घेराबंदी को नाकाम करने की कोशिश कर रहा है। इससे पहले 4 अगस्त 2026 को सऊदी अरब के Najran Airport पर एक ड्रोन हमला हुआ था, जिसने एयरपोर्ट के मुख्य रडार सिस्टम को नुकसान पहुंचाया था।
अंतरराष्ट्रीय बाजार और सुरक्षा पर असर
इस तनावपूर्ण स्थिति का असर अब व्यापार और सुरक्षा पर भी पड़ रहा है। समुद्री खुफिया फर्म Windward के अनुसार, इस विवाद के चलते Bab el-Mandeb मार्ग से गुजरने वाले सऊदी लिंक वाले तेल टैंकरों की संख्या में 39 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इस बीच, सऊदी अधिकारियों ने इस हमले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, हालांकि पहले भी सऊदी सरकार ने ऐसे हमलों को देश की सुरक्षा के लिए खतरा और अस्थिरता फैलाने वाला बताया है।
खबरों के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका ने सऊदी अरब को सलाह दी है कि वह फिलहाल किसी बड़ी सैन्य जवाबी कार्रवाई से बचे, क्योंकि इससे वैश्विक तेल और शिपिंग बाजार पर बुरा असर पड़ सकता है। फिलहाल ओमान इन दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता कराने की कोशिश में जुटा है ताकि बढ़ते तनाव को कुछ कम किया जा सके। खाड़ी देशों में काम कर रहे प्रवासियों और भारतीय समुदाय के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है, क्योंकि लाल सागर में अशांति का सीधा असर ऊर्जा की कीमतों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ता है, जिसका सीधा प्रभाव वहां रहने वाले लोगों के जीवन पर होता है।