लाल सागर में 28 जुलाई 2026 को एक बड़ी घटना सामने आई है, जहाँ यमन के हूती गुट ने सऊदी अरब के एक तेल टैंकर NCC Ghazal को निशाना बनाने का दावा किया है। हूती प्रवक्ता Yahya Sarea ने बताया कि उन्होंने टैंकर पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इस हमले के पीछे का कारण सऊदी अरब से जुड़े जहाजों पर हूती गुट द्वारा लगाया गया कथित समुद्री प्रतिबंध बताया गया है।
हमले के पीछे का कारण
हूती गुट का कहना है कि यह कार्रवाई उन्होंने अपने समुद्री प्रतिबंध के तहत की है, जिसे वे blockade for blockade का नाम दे रहे हैं। उन्होंने 20 जुलाई को सऊदी अरब की ओर जाने वाले जहाजों पर एक नया नेविगेशन प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी, जो यमन के हूती-नियंत्रित इलाकों में सऊदी अरब द्वारा लगाए गए नाकेबंदी के जवाब में है। हूती प्रवक्ता के अनुसार, इस हमले के बाद तेल टैंकर को वापस मुड़ने पर मजबूर होना पड़ा।
सऊदी अरब का रुख
सऊदी अरब के अधिकारियों की ओर से इस मामले पर कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। हालांकि, सऊदी कैबिनेट ने पहले भी ईरान समर्थित गुटों द्वारा लाल सागर में व्यापारिक जहाजों और तेल सुविधाओं पर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की है। सऊदी सरकार अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा, समुद्री हितों और बुनियादी ढांचे की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय कानूनों के दायरे में सख्त और निर्णायक कदम उठाने की बात पर कायम है।
