यमन के हूती विद्रोहियों का बड़ा दावा, सऊदी सैन्य ठिकानों पर किया बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से हमला

ईरान समर्थित हूती विद्रोही समूह ने गुरुवार को एक बड़ा सैन्य दावा पेश किया है। समूह का कहना है कि उन्होंने सऊदी अरब के विभिन्न सैन्य शिविरों और सैनिक जमावड़ों को अपना निशाना बनाया है। इस पूरे सैन्य अभियान में बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
हमले में निशाने पर आए कई प्रमुख शिविर
हूती समूह के आधिकारिक प्रवक्ता याह्या सरी ने एक सार्वजनिक बयान जारी कर इस हमले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई के दौरान अल-रुवैक, अल-अबर, और अल-थानियाह जैसे महत्वपूर्ण सैन्य शिविरों को निशाना बनाया गया। हूतियों का दावा है कि उनका यह अभियान काफी सटीक था और इसके जरिए उन्होंने सऊदी सेना की तैयारियों को बाधित करने का प्रयास किया है। समूह के अनुसार, यह हमला उन कथित सैन्य तैयारियों के जवाब में किया गया था, जिनके जरिए सऊदी अरब यमन के हूती-नियंत्रित क्षेत्रों में अपने सैन्य अभियान को और अधिक तेज करने की योजना बना रहा था।
स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट से मिले गंभीर संकेत
इस घटनाक्रम के बीच यमन के स्थानीय मीडिया ने सरकारी सूत्रों का हवाला देते हुए एक चिंताजनक जानकारी साझा की है। रिपोर्ट के अनुसार, हूतियों द्वारा किए गए इन हमलों की चपेट में आने से मारिब और हदरमौत प्रांतों में मौजूद सैन्य शिविरों में कम से कम 30 यमनी सरकारी सैनिकों की मौत हो गई है। हूतियों ने इस पूरे अभियान को एक व्यापक सैन्य ऑपरेशन करार दिया है, हालांकि उनकी ओर से अपने दावों को साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत या वीडियो साक्ष्य पेश नहीं किए गए हैं।
सऊदी अरब की ओर से फिलहाल चुप्पी
गौरतलब है कि इस पूरे मामले पर सऊदी अरब की सरकार या वहां के रक्षा मंत्रालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या पुष्टि नहीं आई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस तरह के हमलों को काफी गंभीरता से देखा जाता है क्योंकि इनका सीधा असर खाड़ी देशों की सुरक्षा और वहां रहने वाले प्रवासियों पर पड़ता है। फिलहाल, इस घटना के बाद से क्षेत्र के सुरक्षा हालात पर पैनी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके। हिन्दुस्थान समाचार के अनुसार, अभी इस स्थिति को लेकर आधिकारिक बयानों का इंतजार है।